चाची को जबरदस्त चोदा

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प्रेषक : सुनील …

दोस्तों में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम के पढ़ने वालो को अपनी एक सच्ची घटना सुनाने आया हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह सभी पढ़ने वालो को जरुर पसंद आएगी, अब कहानी को पढ़कर उसके मज़े ले। दोस्तों में अपने घर वालो के जाने के बाद अब अपने चाचा-चाची और उनकी बेटी के साथ रहने लगा था, उस समय मेरी उम्र 18 साल थी और मेरी चाची 37 साल की थी और उनकी बेटी ने अभी अपने 15 साल पूरे किए थे। दोस्तों में अब आप लोगो को बता दूँ कि मेरी चाची जिसका नाम मीना था, उनका बदन बहुत ही मादक और मस्त है उसके बूब्स का आकार 38 है, उसकी वो पतली कमर और बहुत ही प्यारे मोटे कुल्हे जिसका आकार 42 इंच है और जिसको देखकर किसी का भी लंड तन जाए। मेरी बहन जो बस अब जवान ही हुई थी वो भी एकदम अपनी माँ की तरह मस्त सेक्सी नजर आने लगी थी, उसने अभी साल भर से अपने 32 इंच के बूब्स को ब्रा में बंद करना शुरू कर दिया था। फिर जब वो स्कूल ड्रेस में स्कर्ट पहनकर आती थी और में हमेशा कोशिश करके उसके सामने ही बैठ करता जिसकी वजह से मुझे उसकी चिकनी गोरी जांघे और पेंटी में कसी चूत का उभार और कुल्हे नजर आते थे।

अब में हमेशा इस फिराक में रहता था कि मुझे एक बार अपनी मीना चाची और सोनिया बहन पूरी नंगी देखने को मिल जाए। अब जब भी शाम को चाची साड़ी ब्लाउज में बैठकर विस्की पीती थी और उसके साथ में वो सिगरेट भी पीती थी, तब मेरा लंड उनको देखकर कसकर अकड़ जाता। दोस्तों आप सभी ने कभी किसी साड़ी वाली औरत को विस्की और सिगरेट पीते हुए देखा है कि नहीं? वो इतना मस्त द्रश्य होता है कि उसको देखकर हमेशा मेरी इच्छा करती है कि वहीं पर में उस साली की साड़ी को उठाकर अपना लंड उसकी चूत में जबरदस्ती डाल दूँ। फिर में उन दोनों माँ बेटी को सिर्फ देखकर ही मस्त हो जाता था, मेरे पूरे बदन में एक जोश भर जाता और फिर में बाथरूम में जाकर उनकी उतरी हुई ब्रा और पेंटी से उनकी मस्त चूत और बूब्स के पसीने की महक को बहुत मज़े लेकर सूंघता हुआ मुठ भी मारता था। दोस्तों मुझे मेरी चाची मीना की पेंटी में हमेशा बड़ी ही मादक सुगंध आती और सोनिया की पेंटी से में उसकी कुंवारी ताजी चूत की खुशबु को में सूंघता था। फिर में उनकी ब्रा और पेंटी को चाट चाटकर अपने लंड को उनके नाम की मुठ मारकर ठंडा किया करता था, मैंने ऐसा बहुत बार किया और ऐसा करने से मुझे बहुत मज़ा भी आने लगा था।

दोस्तों यह घटना तब की है, उस दिन मेरा लंड रात को अचानक से तनकर खड़ा हो गया, जिसकी वजह से मेरी नींद खुल गई और तब मेरी इच्छा हुई कि में उसी समय मीना चाची के बाथरूम में जाकर उसकी पेंटी और ब्रा को सूंघकर मुठ मारूं। अब मन ही मन में यह बात सोचकर चुपचाप बाथरूम की तरफ जाने लगा, उस समय मुझे चाची के कमरे से हल्की सी रौशनी और कुछ आवाज़ सुनाई दी, जिसको देखकर सुनकर मेरे पैर वहीं पर रुक गए और अब में अपने ज़ोर से धड़कते हुए दिल से चाची के दरवाजे पर अपने कान को लगाकर सुनने लगा था। अब अंदर चाची चुदाई में एकदम मस्त होकर चाचा को बहनचोद और मादरचोद की गंदी गंदी गालियाँ दे रही थी और अब मुझसे रहा नहीं गया, मैंने मन में सोचा कि मेरे पास बस यही एक अच्छा मौका है, जब में अपनी मीना चाची को पूरा नंगा और चुदते हुए अपनी आँखों से पहली बार देख सकता हूँ। फिर में उसी समय यह बात सोचकर सीधा बाल्कनी की तरफ चला गया, क्योंकि मुझे पता था कि वहां की खिड़की पर कभी कोई परदा नहीं होता और वहाँ से मुझे वो सब साफ साफ दिखाई देगा। अब में चुपचाप दबे पैर बाल्कनी में चला गया और फिर अंदर का वो द्रश्य देखकर तो मुझे जैसे मन की शांति मिल गयी।

दोस्तों उस समय मेरी चाची अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर सीधी लेटी हुई थी और वो अपने एक हाथ से सिगरेट भी पी रही थी और चाचा उसकी चूत में भिड़ा हुआ था। अब चाची कह रही थी, मादरचोद कभी तो तू मेरी चूत को भी ठंडा किया कर तू क्या हमेशा बस भोसड़ी वाले अपना लंड डालकर अपने आप को ठंडा कर लेता है, आज मादरचोद अगर तूने मेरी चूत को ठंडा नहीं किया तो में बाहर बाजार में जाकर एक रंडी बनकर अपनी चूत की चुदाई के मज़े किसी दूसरे से लुंगी। अब चाचा भी उसकी बातें सुनकर अपनी तरफ से पूरी ताकत से धक्के लगा रहा था और वो कह रहा था कि साली रंडी में तुझे हमेशा कितना चोदता हूँ, लेकिन तेरी इस चूत की प्यास कभी खत्म ही नहीं होती और तेरा यह गोरा सेक्सी बदन इतना मस्त है कि चार पाँच धक्के में ही मेरा लंड झड़ जाता है। फिर इतना बोलते कहते ही चाचा ने अपने लंड को मीना चाची की चूत में झाड़कर वो उसी समय लुड़क गये। अब मीना चाची बड़बड़ाकर बोलती रही कि पता नहीं कब मेरी इस चूत की प्यास ठंडी होगी? यह गांडू तो मुझे कभी भी ठंडा ही नहीं कर पता है। दोस्तों अपनी चाची की वो बातें सुनकर मेरी बहुत इच्छा हुई कि में उसी समय कमरे के अंदर चला जाऊं और उसी समय अपनी चाची को पकड़कर बहुत जमकर उनकी चुदाई के मज़े ले लूँ।

अब में अपना खड़ा लंड एक हाथ में पकड़कर वापस अपने कमरे की तरफ चल दिया, जाते समय रास्ते में सोनिया का कमरा पड़ता है, चाची की वो मस्त चुदाई को देखने के बाद मेरा लंड अब फड़फड़ा रहा था और उस समय मुझे भी पता नहीं में किस विचार में था? इसलिए में सीधा सोनिया के कमरे में घुस गया और मुझे जब होश आया तब मैंने अपने आप को सोनिया के बिस्तर के पास खड़ा हुआ पाया। फिर मैंने देखा कि उस समय सोनिया अपनी छोटी सी स्कर्ट में आराम से सो रही थी, जो उसके कूल्हों को सिर्फ आधा ढके हुई थी, लेकिन मेरे सामने अभी भी चाची की चुदाई का वो द्रश्य चल रहा था और उस गर्मी से पागल होकर मैंने देखा कि सोनिया के मस्त चिकने पैर और उठे हुए कुल्हे जो उसने पेंटी में छुपाए हुए थे। अब उनको देखकर मुझसे रहा नहीं गया और में बिस्तर के पास में खड़ा होकर उसके गोरे चिकने पैरों को अपने होठों से चूमने लगा और धीरे धीरे उसकी गांड की दरार में मैंने अपने होंठ और नाक को रख दिया। दोस्तों अब तक जिस चूत की खुश्बू में पेंटी से सूंघता और चाटता था, आज उसी चूत को में असल में सूंघ रहा था और अपने होंठो से में उसको चूम भी रहा था। फिर इतने में सोनिया हल्की सी हिलने लगी और में डर की वजह से चुपचाप उसके कमरे से बाहर निकल गया।

फिर उसके बाद में सीधा बाथरूम में चला गया और चाची की पेंटी और ब्रा को अपने कमरे में लाकर उनको सूंघते और चाटते हुए मुठ मारने लगा। अब मैंने अपने मन में यह विचार किया कि एक बार में मीना चाची के साथ कोशिश तो जरुर करके देखूं क्या पता? वो उनकी प्यासी चूत को अपने आप ही मुझे उसकी चुदाई करने का मौका दे दे। फिर मुठ मारते हुए में मीना चाची की ब्रा को अपने होंठो से लगाकर ना जाने कब सो गया। फिर अगली सुबह मीना चाची ने मुझे झनझोड़कर जगाया और वो मुझसे बोली कि सुनील तू आज कॉलेज क्यों नहीं गया? उठकर देख सुबह के दस बज रहे है और तू घोड़े बेचकर सो रहा है, चल अब जल्दी से उठ जा तेरे चाचा को तो आज सुबह ही महीने भर के लिए किसी काम से मुम्बई जाना था और इसलिए वो तो कभी के चले भी गये और सोनिया भी अपने स्कूल ट्रिप के साथ जयपुर चली गयी है। अब में बहुत थक रही हूँ तू अब नहा धोकर नाश्ता कर ले उसके बाद में भी थोड़ा सा आराम करूंगी। फिर मैंने जल्दी से उठकर सबसे पहले चाची की वो पेंटी और ब्रा ढूढ़ी जिसको में अपने साथ में लेकर सोया था, लेकिन मुझे वो कहीं भी नहीं मिली। दोस्तों मेरी तो अब डर के मारे सिट्टी पिट्टी गुम हो गई और में मन ही मन में सोचने लगा कि अगर चाची को पता चल गया तो चाची आज मेरी बहुत पिटाई करेगी।

फिर में चुपचाप अपने सारे काम पूरे करके टीवी देखने बैठ गया और उधर चाची मुझे नाश्ता देकर उनके कमरे के अंदर जाकर लेट गयी। फिर थोड़ी देर के बाद उन्होंने मुझे आवाज़ देकर अपने कमरे में बुलाया और वो मुझसे बोली कि सुनील तू ज़रा मेरा बदन दबा दे। दोस्तों उस समय मीना चाची सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में लेटी हुई थी और वो मुझसे यह बात कहने के बाद पेट के बल उल्टी होकर लेट गयी। अब मैंने देखा कि चाची ने अपने ब्लाउज का सिर्फ एक हुक छोड़कर सारे हुक खोले हुए थे और उन्होंने अपना पेटिकोट भी कुछ ज्यादा ही नीचे करके बांधा हुआ था जिसकी वजह से उनके दोनों कूल्हों के बीच की दरार भी मुझे साफ नज़र आ रही थी। अब मेरे सामने वो कुल्हे थे जिसको सिर्फ देखकर ही मेरा लंड तुरंत तनकर खड़ा हो जाता था और चाची तो अपना पूरा गोरा सेक्सी बदन जानबूझ कर मुझे दिखाते हुए मुझसे मसलने को कह रही थी। फिर मैंने बिना देर किए चुपचाप चाची के पास बैठकर धीरे धीरे उनका बदन दबाने लगा, उनके चिकने बदन को छुते ही मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और में डरने लगा कि कहीं मीना चाची को पता नहीं चल जाए। फिर जब पेटिकोट के ऊपर से मीना चाची के कुल्हे दबे तो मेरा लंड एकदम मस्त हो गया, उस पेटिकोट के ऊपर से ही मीना चाची के कुल्हे दबाकर मुझे पता चल गया था कि उनकी गांड वाकई में बहुत मोटी और तगड़ी थी।

फिर थोड़ी देर बाद चाची बोली अरे सुनील तू ऐसे क्या देखता है? जरा थोड़ा तेल लगाकर ज़ोर से जरा अच्छी तरह से मालिश कर दे जिसकी वजह से मुझे थोड़ा सा आराम तो मिलेगा। अब मैंने उनको कहा कि चाची तेल लगाने से आपका ब्लाउज खराब हो जाएगा इसलिए पहले आप अपना ब्लाउज भी खोल दो। फिर चाची कहने लगी कि सुनील में तो लेटी हूँ, तू मेरे पीछे से ब्लाउज के हुक को खोल दे और साइड में कर दे। दोस्तों में जिस चाची को नंगा देखने को अब तक तरस रहा था और जिसकी ब्रा को में चोरीछिपे अब तक चाट रहा था, उसके ब्लाउज के हुक मैंने बड़े ही धीरे से खोले और अब चाची की नंगी पीठ पर सिर्फ काली ब्रा की डोरी मुझे दिखाई दे रही थी। अब मैंने थोड़ा सा तेल अपने हाथों में लेकर चाची की पीठ पर मसलना शुरू किया, लेकिन बार बार चाची की ब्रा की डोरी बीच में आकर रुकावट पैदा कर रही थी और इसलिए मैंने कुछ देर बाद मीना चाची को बोला कि चाची आपकी पूरी ब्रा तेल में खराब हो रही है। अब मुझे इसकी वजह से मालिश करने में भी परेशानी हो रही है, आप मुझे बताए में अब क्या करूं? तब चाची कहने लगी कि तू मेरी ब्रा की डोरी के हुक को भी खोल दे।

दोस्तों उस समय चाची के मुँह से यह बात सुनकर मेरा लंड तो पेंट के अंदर से झटके देने लगा था, मैंने भी बड़े ही प्यार से ब्रा के हुक को भी खोल दिया और पहली बार इतने पास से में चाची की चिकनी गोरी सुंदर पीठ को देख रहा था। अब में उस नंगी पीठ पर धीरे धीरे तेल से मालिश करने लगा और थोड़ी देर बाद चाची मुझसे कहने लगी कि सुनील जरा तू मेरे नीचे भी मालिश कर दे। अब मैंने कहा कि चाची आप बताओ में कहाँ की मालिश करूँ? उसी समय चाची बिना किसी शरम के मुझसे बोली कि मेरे कूल्हों की और किसकी। अब मैंने भी मन में कुछ बात सोचकर अपने आप से कहा कि यही मौका अच्छा है और मैंने कहा, लेकिन उसके लिए तो आपका पेटीकोट भी उतारना पड़ेगा। अब चाची मुझसे बोली कि जाकर अच्छे से पहले दरवाजा बंद कर दे और फिर में जल्दी से जाकर दरवाजा बंद करके आ गया और तब मैंने देखा कि चाची पहले से ही अपना पेटिकोट उतारकर गुलाबी रंग की पेंटी और काली ब्रा को अपने हाथों से दबाए पेट के बल उल्टी बिस्तर पर लेटी हुई थी। फिर में तेल लेकर धीरे धीरे चाची के मस्त पैरों की और उनके मस्ताने मोटे कूल्हों की मालिश करने लगा था।

दोस्तों में कभी भी सपने में भी नहीं सोच सकता था कि वो चाची जिसका नाम लेकर में रात भर मुठ मारता था, एक दिन ब्रा और पेंटी में मेरे सामने लेटकर मेरे हाथ से अपने बदन की मालिश मुझसे करवाएगी। फिर मालिश करते हुए जब में मीना चाची की जाँघो पर पहुंचा, मेरे हाथ बार बार पेंटी के ऊपर से चाची की कसी हुई चूत की पंखुड़ियों से छु रहे थे, जो मुझे एक अजीब तरह का आनंद दे रहे थे कि मुझे पता नहीं क्या सूझा? मैंने चाची की पेंटी में एक तरफ से अपनी एक उंगली को धीरे धीरे अंदर डालकर में अब चाची की चूत पर उंगली फेरने लगा। फिर उसी समय मैंने महसूस किया कि चाची की चूत एकदम चिकनी बिना बाल की थी और उसकी मुलायमता से मुझे पता लग रहा था कि चाची शेव नहीं बल्कि हेर रिमूवर से अपनी चूत के बाल साफ करती है। फिर अचानक चाची उठकर सीधी हुई और अपनी ब्रा को छोड़कर उन्होंने एक थप्पड़ मेरे गाल पर मार दिया और वो मुझसे कहने लगी कि मादरचोद तुझे शरम नहीं आती मेरी चूत में उंगली डालते हुए? जब चाची उठी उस समय उन्हें बिल्कुल भी अपनी ब्रा का ध्यान नहीं रहा। दोस्तों ब्रा के हुक पहले से ही खुले होने की वजह से चाची के वो मस्त गोरे गोरे बूब्स जिस पर भूरे रंग के बड़े आकार के निप्पल भी थे, मेरे सामने वो अब पूरी तरह से नंगी हो गई।

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फिर में उस थप्पड़ की परवाह किए बिना चाची के मस्त बूब्स को देखता रहा और चाची ने भी उन्हे मुझसे छुपाने की कोई भी कोशिश नहीं कि बल्कि एक थप्पड़ मारते हुए वो मुझसे बोली मादरचोद बहन के लंड तू मुझे क्या पागल चूतिया समझता है? कल रात को मेरी पेंटी और ब्रा तेरे बिस्तर पर कैसे पहुँच गयी? तू मुझे अब बिल्कुल सच सच बता मादरचोद मेरी पेंटी और ब्रा के साथ तू रात को क्या कर रहा था? अब मैंने डरते हुआ उनको बताया कि कल रात को जब आपके पैर उठाकर चाचा अपने लंड से आपकी चूत मार रहे थे, उस समय मैंने आपको देखा था और मुझे आप उस समय इतनी सुंदर लग रही थी कि में बाथरूम में जाकर ना जाने कब आपकी पेंटी-ब्रा को अपने साथ लेकर बिस्तर पर आ गया और में आपकी पेंटी और ब्रा को सूंघते हुए और चाटते हुए अपने हाथ से मुठ मारने लगा। अब इस बात पर चाची ने मुझे एक थप्पड़ दोबारा मारा और वो बोली तू उस मादरचोद की लुल्ली को लंड बोलता है और बहनचोद मुझे तो तूने चुदते हुए पूरा नंगा देख लिया, अब तू अपने कपड़े भी उतारकर मेरे सामने पूरा नंगा होकर मुझे दिखा में देखूं तो सही आख़िर तेरी लुल्ली है या लंड? दोस्तों उस समय चाची के बूब्स को देखकर मेरा लंड जोश में आकर पूरा तना हुआ था।

अब चाची ने उसी समय आगे बढ़कर अपने लिए एक सिगरेट जलाई और उन्होंने मेरा पजामा खोल दिया और मेरा 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड मीना चाची की आँखों के सामने झूलने लगा। फिर उसको देखकर चाची की आँखें फेल गयी और वो मुझसे बस इतना ही बोली मादरचोद यह आदमी का लंड है या घोड़े का? अभी तक इसको तूने कहाँ छुपाकर रखा था पहले क्यों नहीं दिखाया? तेरे इस लंड को देखकर तो कोई भी औरत नंगी होकर मस्ती में आकर अपनी चूत को उठा उठाकर चुदाई करवाना चाहेगी। फिर यह सब बोलते हुए मेरे लंड को चाची ने अपने हाथ में ले लिया और बड़े प्यार से वो अपना हाथ आगे पीछे करते हुए देखने लगी। दोस्तों पहली बार जब कोई औरत आपका लंड पकड़ती है और जो मस्ती बदन में चढ़ती है वो में आपको बता नहीं सकता। फिर मेरी जिंदगी में वो पहली औरत का स्पर्श था जो मेरे लंड को मिल रहा था और वो भी उस औरत का जिसको याद कर करके में कितनी बार मुठ मार चुका था, इससे पहले कि में कुछ बोल पाता मेरे लंड से एक पिचकारी निकली और चाची के होंठों और नंगे बूब्स पर जाकर पसर गई। फिर मीना चाची अब बड़े प्यार से बोली बहनचोद तू तो एकदम चूतिया निकला में तो समझ रही थी कि मेरी ब्रा खोलकर और मुझे पेंटी में देखकर शायद तू मेरे साथ ज़बरदस्ती करके मेरी चुदाई करेगा, लेकिन मुझे तू अब मुझे माफ कर दे।

अब तूने मुझे अपनी बाहों में लेकर चोदा नहीं तो मैंने गुस्से में तेरी बिना मतलब ही पिटाई कर दी, लेकिन में क्या करूँ? इतने साल हो गये है मेरी चूत को ठंडा हुए। अब रोज अपनी चूत में वाइब्रटर डालकर में अपने आप को ठंडा करती हूँ, लेकिन एक बार असली मर्द से चुदने की इच्छा आज भी मेरे मन में ही रहा गई। फिर आज में सुबह तेरे कमरे में गयी और अपनी पेंटी और ब्रा से तेरा मुँह ढका हुआ मैंने देखा तभी में तुरंत समझ गयी कि तू मेरे सपने देखकर मुठ मारता है और इस बहाने से मैंने आज तुझे अपनी मालिश करने के लिए यहाँ पर बुलाया था। फिर तेरा घोड़े जैसा लंड देखकर में तो पागल हो गयी और ऐसे लंड के तो में सिर्फ सपने ही देखती थी और तू भी अब चूत लेने के लिए तैयार है, चल आज से वो सपने देखना बंद कर और बता अपनी चाची की चूत चोदेगा? दोस्तों अपनी चाची के मुहं से वो बात सुनकर मेरे तो जैसे मन की मुराद पूरी हो गयी थी। फिर में पहले तो हक्का बक्का होकर खड़ा रहा और कुछ देर के बाद मैंने कहा कि चाची जब से मेरा लंड खड़ा होना शुरू हुआ है, तब से मैंने सिर्फ आपको याद करके मुठ मारी है।

फिर में हमेशा ही आपको सपने में बिना कपड़ो के देखा करता था और आपके मोटे कुल्हे और बूब्स को सोचा करता था और मैंने आपके विचारों के साथ मुठ तो बहुत मारी है, लेकिन मुझे चोदना नहीं आता। अब तुम मुझे बताओगी तो में बहुत प्यार से मन लगाकर तुम्हारी चुदाई करूंगा। फिर चाची कहने लगी कि सुनील तेरा यह लंड देखने के बाद से ही में तो तेरी हो चुकी हूँ और रही बात चुदाई तो में तुझे जरुर सीखा दूँगी, लेकिन तुझे मेरी हर बात माननी होगी और अगर तूने मुझे मस्त कर दिया। फिर उसके बाद में तुझे जो तू इनाम माँगेगा वो में तुझे दूँगी और ध्यान रहे यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए। दोस्तों अब हम दोनों के बीच कोई शरम या परदा नहीं रहा गया था। फिर चाची ने मुझसे कहा कि आज से तू और में जब भी अकेले होंगे तू मुझे सिर्फ मीना बुलाना और अब मुझे अपनी बाहों में भरकर मेरे होंठो को चूसते हुए मेरे कुल्हे मसल। फिर मैंने भी इतने दिनों तक मुठ मारने के बाद चाची का नंगा बदन अपनी बाहों में पकड़कर उठा लिया और मीना को नंगा अपनी बाहों में भरकर उसके नरम होंठो को चूसने लगा। दोस्तों में बता नहीं सकता कि में उस समय किस जन्नत में था और फिर में अपने हाथों को पीछे ले जाकर उसकी पेंटी में डालकर उन मतवाले कूल्हों को दबाने लगा था।

फिर जब में पेटीकोट के ऊपर से कूल्हों को दबा रहा था मुझे उसी समय पता चल गया था कि मीना के कुल्हे बहुत ही तगड़े और मस्त है। फिर जब मैंने उसके नंगे कुल्हे पकड़े तो मेरे हाथों में कुछ ज्यादा ही जान आ गयी और में उनको कस कसकर मसलने लगा और मीना ने भी मुझे अपनी बाहों में कसकर पकड़ रखा था, जिसकी वजह से उसके वो मुलायम बूब्स मेरी छाती से चिपक रहे थे और अब मुझे उसकी वजह से गुदगुदी हो रही थी। फिर थोड़ी देर एक दूसरे को चूसने के बाद मीना मुझसे अलग हुई और अपनी अलमारी खोलकर वो एक विस्की की बोतल निकालकर मुझसे बोली जब तक सोनिया वापस नहीं आती तेरी चुदाई की क्लास चालू है और अब तू पूरे हफ्ते भर मेरी क्लास में रहेगा। फिर इतना कहकर मीना ने दो गिलास में शराब डाली और दो सिगरेट भी जाल ली और एक मुझे देते हुए कहा जो में बताऊं वैसे ही करना। फिर उसके बाद मीना एक हाथ में विस्की का गिलास और एक हाथ में सिगरेट पकड़कर मेरे सामने आई और वो मुझसे बोली कि बहन के लंड मेरा पेट चूमते हुए मेरी पेंटी को उतार दे। फिर पीछे से मेरी गांड के छेद में उंगली डालकर धीरे से अपने मुँह को मेरे पेट से चूमते हुए मेरी चूत के ऊपर लाकर मेरी चूत को सिर्फ ऊपर से ही चूस, में तुझसे नाचते हुए अपनी चूत चुसवाउंगी और फिर बाद में जब तू अपनी ड्रिंक और सिगरेट खत्म कर लेगा।

फिर तुझे में बताउंगी कि औरते अपनी चूत का पानी मर्दो को कैसे पिलाती है? दोस्तों में तो उस समय कुछ बोलने की हालत में बिल्कुल भी नहीं था। अब में तो बार बार यह बात सोच रहा था कि में कोई सपना तो नहीं देख रहा हूँ जिस औरत को नंगा देखना और चोदना मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मकसद था, वो ही औरत आज मेरी बाहों में नंगी मुझसे चुदने के लिए मचल रही है। अब में मीना के बताए तरीके से उसको अपनी बाहों में भरकर चूमने और उसकी पेंटी को उतारने लगा था। अब मीना अपने कुल्हे हिला हिलाकर अपनी ड्रिंक और सिगरेट को पी रही थी और जब मेरे होंठ मीना की चूत के उभार पर छुए, मीना ने ज़ोर से मेरा सर पकड़ा और चूत के उभार पर दबा दिया। अब वो बड़ी मीठी मीठी सिसकियाँ भरने लगी और बोली सुनील तुझे में जिंदगी का इतना सुख दूँगी कि जब तू अपनी बीबी की चुदाई करेगा, तब तू हमेशा मेरी ही चूत को याद करेगा। फिर में भी मन लगाकर मीना की चूत की दरार और उभार पर अपनी जीभ को फेरने लगा था, थोड़ी देर के बाद अचानक से मीना के कूल्हों में एक कंपन सी होने लगी थी और मेरे सर को ज़ोर से दबाते हुए उसने अपनी चूत का पानी बाहर कर दिया।

फिर उसके बाद वो मेरे पास में बैठ गयी और कहने लगी सुनील आज पहली बार ऐसा हुआ है कि में अपनी चूत को किसी से चुसवाते हुए झड़ी हूँ। दोस्तों मैंने देखा कि मीना की आँखे शराब और जोश की वजह से बिल्कुल नशीली हो चुकी थी, उसने मेरा लंड पकड़ लिया और उसको वो सहलाते हुए बोली अरे सुनील तूने अपने लंड का यह क्या हाल कर रखा है? यह तो तनकर एकदम फटने को हो रहा है, मेरे प्यारे सुनील लंड को इतना नहीं अकड़ने देते की लंड ही फट जाए और वैसे भी आज से यह लंड अब सिर्फ मेरा है। अब चल में थोड़ा तेरे लंड को ढीला कर देती हूँ उसके बाद में तुझे आराम से अपनी चूत का पानी पिलाउंगी। फिर इसके बाद मीना ने मुझे एक पेग और दे दिया, एक एक सिगरेट को जलाकर वो मेरे बदन से चिपक गयी और मुझे खीचकर बिस्तर पर मेरे दोनों पैर सीधे करके पीठ के सहारे बैठा दिया। अब वो कहने लगी कि चल अब तू आराम से अपनी ड्रिंक और सिगरेट पी, मेरा लंड पकड़कर कहा कि तब तक में इस लंड की ड्रिंक और सिगरेट बनाकर पीती हूँ और इस बीच अगर तेरा पानी निकले तो तू उसको मेरे मुहं में निकाल देना क्योंकि अब में तुझे लंड चूसना किसको कहते है वो भी बताऊंगी।

दोस्तों मुझसे इतना कहकर मीना ने अपने नरम रसीले होंठ मेरे लंड के टोपे पर जो तनकर एकदम लाल टमाटर की तरह हो रहा था, उस पर रख दिए और धीरे धीरे मेरे लंड को अपने मुँह के अंदर जीभ फेरते हुए सरकाने लगी। मेरी चूत वाली बहानो मुझे नहीं पता कि तुम्हे लंड चूसते हुए कैसा लगता है, लेकिन में इतना बता सकता हूँ कि कोई भी मर्द मादरचोद अपना लंड चूसवाने के बाद बिना चूत लिए रह नहीं सकता चाहे, उसके लिए बलत्कार ही क्यों ना करना पड़े। फिर मेरे ऊपर तो उस समय मीना के नंगे बदन का नशा, विस्की का नशा, सिगरेट का नशा और मीना से लंड चूसवाने का नशा ऐसा छाया हुआ था कि जैसे में उस समय किसी और दूसरी दुनिया में हूँ। फिर कुछ देर पहले तो मीना बड़े प्यार से अपना मुँह ऊपर नीचे सरका सरकाकर मुझे लंड चूसाई का मज़ा देने लगी, मेरा पूरा लंड मीना के मुँह में समा नहीं पा रहा था, लेकिन वो बहुत जोश से मेरी आँखों में आँखे डालकर मज़े से चूस रही थी और मेरा तो उस मस्ती के मारे बड़ा बुरा हाल था। अब मैंने मीना का सर कसकर अपने हाथों में पकड़ लिया और हाथ से उसका सर ऊपर नीचे करने लगा, नीचे से अपने कुल्हे उछाल उछालकर मीना के मुँह में ही धक्के देने लगा।

फिर जब में झड़ा तब मैंने कसकर मीना का सर पकड़कर नीचे से एक धक्का लगाया जिसकी वजह से मेरा लंड सीधा मीना के गले में जाकर फंस गया और उस समय मेरा पूरा 6 इंच और 2 इंच मोटा लंड जड़ तक मीना के मुँह में घुसा हुआ था। अब मेरी झाट के बाल मीना की नाक में घुस रहे थे जब में धक्का लगाकर मीना के गले में अपना लंड फंसाकर झड़ रहा था। फिर उसी समय मीना बुरी तरह से छटपटा रही थी और मुझसे दूर जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मैंने भी कसकर उसका सर पकड़ा हुआ था और जब तक मेरे वीर्य की आख़िरी बूँद नहीं निकली, मैंने मीना का सर नहीं छोड़ा। दोस्तों मीना सही में बहुत बड़ी चुदक्कड़ औरत थी इतनी तकलीफ़ होने के बाद भी वो मेरे लंड का पानी चाट चाटकर पी गयी और उसने एक भी बूँद बाहर नहीं गिरने दी। फिर मीना ने मेरा झड़ा हुआ लंड अपने मुँह से बाहर किया, में बोला कि चाची आप मुझे माफ करना, लेकिन यह मेरा पहला मौका था इसलिए में अपने आप को कंट्रोल नहीं कर सका। अब मीना ने मेरे होंठो को चूमते हुए कहा कि मेरी जान तू सिर्फ मुझे मीना बोल और मादरचोद में इसी तरह तो अपना बदन रगड़वाना चाहती हूँ, ठीक है थोड़ी तकलीफ़ हुई, लेकिन मेरे प्यारे मादरचोद कसम से जब से लड़की बनी हूँ, आज पहली बार लंड चूसने का असली मज़ा मिला है।

फिर वो मेरे लंड को सहलाते हुए कहने लगी वाह ऐसा प्यारा और तगड़ा लंड हो तो में जिंदगी भर चूसती ही रहूं। अब अपने लंड को चूसने के बाद में भी थोड़ा सा मस्त हो चुका था, मैंने कहा कि हाँ क्यों नहीं मीना तेरा इतना चुदस बदन है, तूने शादी से पहले किसी से चुदवाया या नहीं? अब मीना बड़े दुख से बोली अरे नहीं रे मेरे पास अपनी चूत फड़वाने के और नये नये लंड लेने के मौके तो बहुत सारे थे, लेकिन मैंने सोचा था कि में अपनी चूत को सुहागरात वाले दिन ही अपने मर्द को दूँगी, लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरी किस्मत में ऐसा गांडू लिखा हुआ है? अगर मुझे पता होता तो में शादी से पहले ही जमकर अपनी चूत का मज़ा उठाती तेरे चाचा का लंड सिर्फ पांच इंच लंबा और एक इंच मोटा है और बस पाँच, छे धक्के में ही झड़ जाते है और गांडू की तरह मेरे बूब्स पर उल्टा लेटकर सो जाते है। फिर इतना कहकर मीना बिस्तर से उठी और अलमारी से सात इंच लंबा वाईब्रेटर लेकर आई और बोली अभी तक तो मेरा असली मर्द यह है जिससे में अपनी चूत की आग बुझाती हूँ।

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दोस्तों यह था मेरा वो पहला सेक्स अनुभव अपनी सेक्सी चुदक्कड़ चाची के साथ जिसको मैंने बहुत मेहनत करके मन लगाकर चोदा और उसके बाद मैंने इस कहानी को लिखकर आप तक पहुंचा दिया ।।

धन्यवाद …

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