छत पर मस्त चुदाई

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प्रेषक : साहिल …

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम साहिल है, मेरी उम्र 22 साल है और मुझे बचपन से ही सेक्स या उसको जुड़ी हुई बातों में बहुत ज्यादा लगाव था। दोस्तों मेरा लंड हर कभी किसी के बूब्स को देखकर उसके बारे में सोचकर खड़ा हो जाता था और मेरी उम्र के साथ साथ यह मेरी इच्छा भी अब पहले से ज्यादा बढ़ने लगी थी। फिर मुझे एक दिन मेरे एक दोस्त ने कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के बारे में बताया और में सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेने लगा था। फिर में उन कहानियों को पढ़कर मुठ मारकर अपने लंड को शांत कर लिया करता और मैंने ऐसा बहुत बार किया, लेकिन अब में किसी की चूत को चोदकर उसकी चुदाई के मज़े लेना चाहता था और यह बात सोचकर में चुदाई के लिए एक चूत की तलाश में दिन रात लगा रहा और तब तक में सेक्सी कहानियों को पढ़कर मुठ मारकर अपना समय बिताने लगा था। एक दिन भगवान ने मेरे मन की बात को सुनकर मुझे चुदाई के लिए एक कुंवारी चूत का जुगाड़ कर दिया। अब आज में आप सभी को अपनी उसी चुदाई की सच्ची घटना को बताने जा रहा हूँ, वो लड़की मेरे घर एक किराएदार बनकर रहने आई थी। दोस्तों मैंने उसको मेरे पड़ोसी की छत पर ले जाकर उसकी चुदाई के मस्त मज़े बहुत जमकर लिए और मैंने उस पहली रात को उसकी कुंवारी चूत को अपनी पहली चुदाई से फाड़कर पूरी तरह से संतुष्ट किया और अब आप लोग मेरी उस कहानी को पढ़कर मेरे मज़े लीजिए।

दोस्तों यह उन दिनों की बात है, जब हमारे घर में नये किराएदार रहने के लिए आए थे, घर के नीचे के हिस्से में हम सभी घर वाले रहते थे और ऊपर के हिस्से में बने दो कमरों में हमारे वो किराएदार रहते थे। एक रूम में दो लड़कियाँ और दूसरे रूम में एक भाई और उसकी बहन रहती थी और वो सभी एक ही शहर के रहने वाले थे, इसलिए वो सभी लोग एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह से जानते थे। उन दोनों लड़कियों के नाम शिल्पा और सीमा था, वो दोनों दिखने में बहुत ही सुंदर थी और ख़ासकर शिल्पा ज्यादा सुंदर थी। दोस्तों इसलिए में उसकी तरफ कुछ ज्यादा ही आकर्षित हुआ और जब भी शिल्पा घर में रहती थी, तब वो स्कर्ट और शर्ट पहनती थी, उसकी उस छोटे आकार की स्कर्ट से दिखती हुई उसकी गोरी भरी हुई जांघो का में मज़ा लेता और साथ में उसकी ढीली शर्ट से में उसके झूलते लटकते हुए बूब्स का बहुत मज़ा लेता। दोस्तों में उसको हर कभी कपड़े घोते समय या फिर झाड़ू लगाते समय घूरकर देखता और में उसकी सुंदरता को देखकर बड़ा चकित और अब उसकी चुदाई के सपने देखने लगा था। दोस्तों वैसे तो सीमा भी कुछ कम सुंदर नहीं थी, लेकिन वो शिल्पा के जितनी सुंदर और आकर्षक नहीं थी, लेकिन फिर भी वो थोड़ी ठीकठाक लगती थी।

दोस्तों शिल्पा का गोरा बदन उसके फिगर भी बहुत ही अच्छे थे, उसका वो बदन पूरा भरा हुआ था और उसके गोलमटोल बूब्स ज्यादा अच्छे लगते थे, उसके काले रंग के घने बाल और गोल बड़ी बड़ी आंखे उसकी सुंदरता को और भी ज्यादा बढ़ाते थे। दोस्तों गर्मियों के दिनों में शाम देर से होती है, इसलिए में अक्सर शाम को हमारी छत पर चला जाता था और छत पर में करीब एक दो घंटे तक रहता था। दोस्तों शिल्पा उस समय मेडिकल की तैयारी कर रही थी और उसकी क्लास दोपहर को करीब दो बजे तक खत्म हो जाती थी और वो तीन बजे तक वापस घर आ जाती और जब भी में शाम को छत पर जाता था, तब अक्सर शिल्पा भी अपने रूम के बाहर आकर देखती थी। दोस्तों में शिल्पा से हमेशा बात करने की कोशिश में रहता और जैसे ही मुझे कोई अच्छा मौका मिलता वैसे ही में शिल्पा से बातें करने लगता। फिर मुझे कुछ दिनों के बाद पता चला कि उसको इंटरनेट के बारे में कुछ भी पता नहीं था। एक दिन उसने मुझसे कहा कि मुझे अपने एक फ्रेंड को मैल करना है, लेकिन मैल कैसे करते है मुझे पता नहीं, क्या आप मेरी इस काम में मदद करेंगे? मैंने कहा कि हाँ ठीक है में आपको बता दूँगा।

दोस्तों हमारे घर से थोड़ी दूरी पर ही एक साइबर केफे है वहां पर में और शिल्पा चले गये, उसके बाद मैंने उसको मैल करने के बारे में बताया और जब में उसको बता रहा था तब कितने ही बार मेरा हाथ उसके मुलायम हाथों से छु गया। फिर मुझे उसके गोरे मुलायम हाथों को छुकर महसूस करना बहुत अच्छा लगा था, लेकिन जब भी मेरा हाथ उसके हाथ को छु जाता, तब में उसको ‘माफ़ करना, बोलकर उस बात को अनदेखा करने की कोशिश किया करता। फिर उसने एक बार मुझसे कहा कि आपको मुझसे माफ़ी मांगने की जरूरत नहीं है क्योंकि जब आप मुझे कुछ सीखा रहे है, तब मेरा हाथ तो आपके हाथ से छुएगा तो क्या हुआ? फिर में वहीं केफे में उसके हाथ को हल्के से पकड़ने की कोशिश करने लगा और एक बार तो मैंने उसको पकड़ भी लिया। फिर उस समय मुझे छुकर पता चला कि उसके हाथ इतने मुलायम थे कि में किसी भी शब्दों में बता नहीं सकता, मेरा बस दिल कर रहा था कि में उसके दोनों हाथों को ऐसे ही पकड़े रहूँ। फिर उसके कुछ देर बाद हम दोनों उस केफे से अपने घर पर चले आए और वो अपने रूम में चली गई, में उस दिन बहुत बेचैन हो गया था।

अब में सोच रहा था कि में शिल्पा से कैसे बात करूं? वो हर सुबह अपनी मेडिकल की क्लास जाती थी और वो क्लास में जाने के लिए हमारे घर से एक ऑटो से जाती थी और उसको वो ऑटो घर से थोड़ी दूरी पर मिलता था। अब मैंने मन ही मन में विचार बनाया कि जब वो उसकी क्लास से वापस आएगी, तब में शिल्पा से बात करूँगा और में दूसरे दिन 1.30 बजे घर से निकल गया। अब में उसकी कोचिंग क्लास के बाहर जाकर, उसकी क्लास खत्म होने का इंतजार करने लगा और फिर उसकी क्लास खत्म हुई। अब मैंने देखा कि सीमा भी उसके साथ ही है और उस वजह से में एकदम निराश हो गया। फिर में मन ही मन में सोचने लगा कि अब कैसे में शिल्पा से बात करूँगा? तभी मैंने देखा कि उसी समय सीमा ने शिल्पा से कुछ कहा और वो कहीं दूसरी तरफ जाने लगी और उसके बाद जब शिल्पा आगे बढ़कर ऑटो की तरफ जाने लगी। फिर उसी समय मैंने अपनी गाड़ी को शिल्पा के पास में ले जाकर रोक दिया और अब मैंने उसको कहा कि तुम अगर घर जा रही हो, तो मेरे साथ चलो क्योंकि में भी अब घर ही जा रहा हूँ। अब वो बिना कुछ कहे मेरी गाड़ी पर मेरे साथ बैठ गई और में मन ही मन बहुत खुश था कि शिल्पा मेरे साथ मेरी गाड़ी पर बैठकर जा रही थी।

दोस्तों जब वो मेरे पीछे बैठी हुई थी, तब मैंने महसूस किया कि उसके बड़े आकार के बूब्स बार बार मेरी पीठ से छु रहे थे और उस वजह से मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मैंने कुछ देर बाद शिल्पा से कहा कि मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो, आप बहुत सुंदर हो और आज में आपसे यह बातें करने के लिए ही यहाँ तक आया हूँ और फिर मेरे मुहं से वो बातें सुनकर शिल्पा हंसने लगी। अब वो मुझसे कहने लगी कि आप भी मुझे अच्छे लगते है, में भी आपसे यह बात करना चाहती थे, लेकिन आप मुझसे बात ही नहीं करते थे। फिर मैंने उसको पूछा कि सीमा कहाँ गई? अब वो बोली कि सीमा आपको देखकर मुझसे अलग दूर चली गई क्योंकि वो भी यह बात समझ चुकी थी कि आप भी आज मुझसे बात करने के लिए यहाँ तक आए है। दोस्तों उसके मुहं से यह सभी बातें सुनकर में बहुत खुश हो चुका था, मेरे मन में एक अजीब सी खुशी हो रही थी और शिल्पा से बातें करते हुए कब हम दोनों घर के पास आ गये, इस बात का मुझे पता ही नहीं चला। फिर उसके बाद में अब शाम होने का बहुत बेसब्री से इंतज़ार करने लगा था, में मन ही मन में सोच रहा था कि में शाम होते ही छत पर चला जाऊँगा और उसके बाद में शिल्पा के साथ बैठकर उसके साथ बैठकर बहुत सारी बातें करूँगा।

फिर कुछ घंटो के बाद शाम हो गई, उसके बाद में छत पर चला गया, मैंने देखा कि उस समय शिल्पा बाहर ही बैठी हुई थी और सीमा अंदर रूम में सो रही थी। फिर जब शिल्पा ने मुझे देखा तब उसने मुझसे बैठने के लिए कहा और में उसके पास ही एक कुर्सी पर जाकर बैठ गया और थोड़ी देर बाद शिल्पा मेरे लिए चाय बनाकर ले आई। फिर में चाय का कप अपने हाथ में लेकर उसको पीने लगा था और फिर उसी समय मैंने अपने एक हाथ को शिल्पा के हाथों के ऊपर रख दिया। अब शिल्पा देखकर हल्का सा मुस्कुराई, लेकिन वो मुझसे बोली कुछ भी नहीं। अब में तुरंत समझ गया कि शिल्पा भी मुझसे यही सब चाहती है कि में उसके साथ कुछ करूं, लेकिन वो शाम का समय था और उस समय ज्यादातर लोग अपने घरो की छतो पर थे इसलिए में उसके साथ कुछ भी नहीं कर सकता था। अब शिल्पा के चेहरे की तरफ अपने हाथों को आगे बढ़ाकर मैंने उसके गालो को छुते हुए, में अपने हाथ को उसके होंठो पर ले गया। अब शिल्पा मुझसे पूछने लगी कि यह क्या कर रहे हो? साहिल हमे सीमा या कोई देख लेगा तो वो क्या सोचेगे? फिर उसके बाद में थोड़ी देर वहीं पर बैठा रहा और फिर उसके बाद में वापस नीचे चला गया और अब में रात होने का इंतज़ार करने लगा।

फिर उसी रात को में करीब 11 बजे छत पर दोबारा चला गया, तब मैंने देखा कि उस समय शिल्पा के कमरे का बल्ब जला हुआ था। फिर में वहीं छत पर खड़ा होकर अब उसके बाहर आने का इंतज़ार करने लगा और रात को करीब 11.30 बजे वो अपने कमरे से बाहर आ गई, तब वो मुझे देखाकर एकदम चकित रह गई और वो मुझसे पूछने लगी कि आप यहाँ क्या कर रहे है? मैंने उसको कहा कि आपके बिना मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था, मुझे आपकी बहुत याद आ रही थी और इसलिए में छत पर चला आया और यह बात कहते हुए मैंने उसको उसी समय अपनी बाहों में खिच लिया। अब वो कहने लगी कि अरे आप यह क्या कर रहे है? प्लीज छोड़ दो वरना कोई हमे देख लेगा। अब मैंने उसको कहा कि इस समय हमे कौन देख रहा है? और यह बात कहते हुए मैंने उसके होंठो को चूमना शुरू किया पहले तो उसने मुझसे मना किया, लेकिन फिर कुछ देर बाद वो खुद ही मेरे होंठो को चूमते हुए मुझसे कहने लगी, अब बहुत हुआ आप नीचे चले जाए। फिर मैंने उसको बिना कुछ कहे दोबारा उसको अपनी बाहों में कसकर उसके होंठो पर चूमना शुरू किया और इस बार वो मुझसे कुछ नहीं बोली उस समय वो स्कर्ट और टीशर्ट पहने हुए थी।

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दोस्तों जब में उसके होंठो को चूम रहा था, तब उसके बूब्स पर मेरी छाती छु रही थी और उस वजह से मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मैंने अपना आसन बदलकर अब उसको पीछे से पकड़ते हुए उसके गले पर चूमना शुरू किया और अब में उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों में लेकर दबाने भी लगा था। दोस्तों पहले कुछ देर तक तो उसने मेरे उस काम का थोड़ा सा विरोध किया था, लेकिन फिर जब में उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा उसकी वजह से वो गरम होकर सिसकते हुए आअह्ह्ह्ह प्लीज थोड़ा धीरे धीरे कीजिए उूउऊहह्ह्ह्। अब मेरा भी लंड खड़ा होने लगा, मैंने शिल्पा से कहा कि चलो हम सबसे ऊपर वाली छत पर चलते है और उसको यह बात कहते हुए मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया। अब उसने अपनी दोनों आखों को बंद कर लिया, में उसको उठाकर पास वाली छत पर चला गया वहां पर जाते ही शिल्पा मेरी छाती से लिपट गई और वो मेरे होंठो को चूमने लगी थी और अब वो मुझसे कहने लगी थी कि साहिल में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और अब वो मेरे होंठो को पागलो की तरह चूमे जा रही थे। फिर मैंने अपने हाथों से उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और तब मैंने छुकर महसूस किया कि उसके निप्पल बहुत टाईट थे थोड़ी ही देर में मेरे हाथों में दर्द होने लगा।

अब मैंने शिल्पा को पकड़कर धीरे से ज़मीन के ऊपर लेटाते हुए उसकी शर्ट के सारे बटन खोल दिए, उस समय मैंने देखा कि उसने शर्ट के नीचे तब कुछ भी नहीं पहना था और उसके बूब्स को देखकर तो मानो मेरे लंड में उस समय 440 वॉल्ट का करंट दौड़ गया। अब में उसके बूब्स को अपने हाथों में लेकर दबाने और मसलने लगा था और उसके बाद में अपने मुहं को उसके बूब्स के पास ले जाकर उसके निप्पल को अपने दोनों होंठो को बीच में दबाकर अपनी जीभ से हल्का हल्का चूसने लगा। दोस्तों शिल्पा पहले से ज्यादा जोश मस्ती में थी उसको अब और भी अच्छा लगने लगा था। अब में उसके बूब्स को पूरा मुहं में लेकर चूसने लगा और शिल्पा जोश में आकर बोल रही थी, साहिल तुम आज मेरे बूब्स का सारा दूध पी लो और आअहह्ह्ह चूसते रहो साहिल और ज़ोर से चूसो। फिर उसके मुहं से यह जोश भरी बातें सुनकर मेरे अंदर अब और भी ज्यादा जोश पैदा हो रहा था, जिसकी वजह से मेरे चूसने की गति भी अब पहले से ज्यादा तेज हो चुकी थी। फिर उसके बूब्स को चूसते हुए में अपना एक हाथ उसके पेट के ऊपर से उसकी जांघो के पास ले गया, में अपने हाथ से हल्के हल्के सहलाने लगा और शिल्पा जोश में मेरे मुहं को अपने बूब्स पर ज़ोर से दबाने लगी और वो आहहहह ऊह्ह्ह्हहह करने लगी।

अब में उसके बूब्स को चूसते हुए अपने हाथों से उसकी स्कर्ट को खोलने लगा, तब पहले तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया, लेकिन फिर उसने खुद ही अपनी स्कर्ट को खोल दिया। फिर मैंने देखा कि उसने काले रंग की पेंटी पहनी हुई थी, उस चाँदनी रात में उसके गोरे सुंदर जिस्म और ऊपर से उसकी काले रंग की वो पेंटी उसके ऊपर क़यामत ढा रही थी। अब में उसको अपनी बाहों में भरकर उसके पूरे जिस्म को अपने हाथों से सहलाने लगा, जिसकी वजह से मेरा लंड अब मेरे कंट्रोल में नहीं आ रहा था। फिर मैंने जल्दी से उसकी पेंटी को उतार दिया, उसकी एकदम चिकनी बिना बालों की चूत को देखकर मेरे होश ही उड़ गये, उसकी वो साफ चूत इतनी मुलायम थी कि में क्या बताऊ? अब मैंने उसकी चूत पर एक हल्का सा चूम लिया, जिसकी वजह से वो जोश से भर जाए और उसके बाद में अपने कपड़े भी उतारने लगा था। अब हम दोनों पूरे नंगे हो चुके थे और फिर उसने जैसे ही अपने मुलायम हाथों से मेरे लंड को छुआ उसके बाद मेरे तो होश ही उड़ गये। अब मेरा लंड पूरी तरह से उसके हाथों में भी नहीं आ रहा था, वो बार बार मेहनत करके मेरे लंड को पूरी तरह से पकड़ने की कोशिश कर रही थी।

फिर उसने एक बार नीचे झुककर मेरे लंड पर चुम्मा कर लिया, उस वजह से मेरा लंड बिल्कुल बेकाबू हो गया और तब मैंने उसको अपने ऊपर से हटाते हुए उसको नीचे लेटा दिया। अब में उसकी चूत के पास अपना मुहं ले जाकर उसकी कामुक चूत को चूमने लगा था और वो मुझसे कहने लगी कि साहिल तुम यह क्या कर रहे हो? उफफ्फ्फ्फ़ मुझे कुछ हो रहा है, प्लीज तुम ऐसा मत करो। फिर में अपनी जीभ को बाहर निकालकर उसकी चूत के ऊपर फेरने लगा था और शिल्पा ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्ह करने लगी। अब शिल्पा को उस समय इतना जोश में देखकर मुझे लग रहा था कि अब उसको भी कंट्रोल नहीं हो रहा था, वो मुझसे बोलने लगी प्लीज साहिल तुम्हे जो करना है जल्दी से कर लो उफ्फ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह्ह प्लीज जल्दी कर लो। अब बस करो साहिल अब और नहीं ऊहह साहिल जल्दी से कर लो। फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी चूत की गुलाबी पंखुड़ियों को हल्का सा फैला दिया और अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया, तब मैंने छुकर महसूस किया कि उसकी चूत बहुत ही गरम थी। अब शिल्पा ने पूरी तरह से जोश में आकर मेरे मुहं को ज़ोर से अपनी चूत पर दबाकर वो अपनी कमर को हिलाने लगी और वो साथ में बड़बड़ा भी रही थी उफफ्फ्फ हाँ पूरा चूस लो तुम मेरी इस चूत को चूस लो साहिल में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ आह्ह्ह् साहिल तुम आज चूस लो मेरी चूत का सारा रस।

अब यह सब करते हुए उसकी कमर हिलाने की गति अब थोड़ी धीरे हो गई, मैंने महसूस किया कि उसकी चूत से रस बाहर निकलने लगा और जब तक उसकी चूत से रस निकल रहा था तब तक उसने मेरे मुहं को अपनी चूत पर कसकर दबा रखा था। फिर उसके बाद में उठा और उसके पास में लेट गया वो मुझसे लिपट गई, कुछ देर बाद वो मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाने लगी। अब वो अपने एक हाथ से मेरे लंड को हिला रही थी और उसका दूसरा हाथ मेरे पूरे बदन पर चल रहा था, मेरा लंड पूरा तनकर खड़ा हो चुका था। अब शिल्पा मेरे पास से उठकर मेरे लंड के पास आ गई और वो अपने नरम होंठो से मेरे लंड के चारो तरफ किस करने लगी थी, जिसकी वजह से अब में पूरी तरह से बेकाबू होकर उसकी चुदाई करने के लिए तैयार हो गया। अब मैंने शिल्पा को नीचे लेटाकर उसके दोनों पैरों को पूरा फैला दिया और में उसके पैरों के बीच में जाकर बैठ गया वो बड़े ध्यान से मेरी तरफ देख रही थी। अब मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डाल दिया, तब मुझे छुकर पता लगा कि उसकी चूत बहुत गरम, कसी हुई थी और मेरी एक उंगली भी उसकी चूत में बड़ी मुश्किल से अंदर जा पा रही थी।

फिर मैंने अपनी उंगली को जबरदस्ती पूरा दम लगाकर उसकी चूत के अंदर डालकर में अपनी उंगली को अब धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से थोड़ी ही देर में अब मेरी उंगली बड़ी आसानी से उसकी गीली चूत के अंदर बाहर होने लगी थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रख दिया तो उसने अपनी दोनों आखों को बंद कर लिया, मैंने हल्का सा अपने लंड को उसकी चूत पर दबाया ही था कि वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्ला उठी, उफ्फ्फ्फ्फ् प्लीज नहीं साहिल अब नहीं मुझे बहुत दर्द हो रहा है में मर जाउंगी। अब मैंने उसी समय अपने लंड को थोड़ा सा और दबा दिया जिसकी वजह से मेरा आधा लंड उसकी चूत में जा चुका था और वो ज़ोर से चिल्लाई आह्ह्हह्ह प्लीज साहिल नहीं में मर गई प्लीज अब तुम रहने दो आआहह मुझे बहुत दर्द हो रहा है उऊहह साहिल अब मत करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है। अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत में वैसे ही छोड़ दिया, उस समय मेरा आधा लंड अंदर आधा बाहर था और कुछ देर बाद जब उसका दर्द जैसे ही कम हुआ मैंने ज़ोर का एक झटका दिया। अब मेरा पूरा लंड शिल्पा की चूत में चला गया और वो इस बार ज़ोर से चिल्ला उठी साहिल नहीं अब बस करो।

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अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डालकर वैसे ही छोड़ दिया और में उसके दर्द के कम होने का इंतजार करते हुए, उसके बूब्स के साथ छोटे बच्चे की तरह खेलने लगा और करीब दो मिनट के बाद उसका दर्द कम हो गया। अब शिल्पा ने अपने दोनों हाथों से मुझे जकड़ लिया और वो मेरे होंठो पर चूमने भी लगी थी, उसके चूमने से मेरे अंदर जोश और भी ज्यादा बढ़ने लगा और मैंने फिर से अपना लंड शिल्पा की चूत से बाहर निकाला, उसके बाद एक ज़ोर का झटका मारा इस बार मेरा पूरा लंड एक ही बार में अंदर चला गया। अब शिल्पा दर्द से चीखते हुए बोली आईईईई प्लीज धीरे धीरे करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है और मैंने अपने लंड को उसकी चूत में ही छोड़कर उसके होंठो को में चूसने लगा। फिर जब वो मेरे होंठो को चूसने में मस्त हो गई, तब मैंने अपने लंड को एक ज़ोर का झटका दिया, लेकिन मैंने देखा कि इस बार उसको उतना दर्द नहीं हुआ और वो बस आह्ह्ह्हह साहिल तुम अपना लंड मेरी इस चूत में डाल दो मेरी यह चूत सिर्फ़ तुम्हारी ही है साहिल और मैंने अपने लंड को अब उसकी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और शिल्पा तो बस उह्ह्हह्ह में मर गई हाँ और ज़ोर से साहिल और ज़ोर से करते रहो आज तुम मेरी इस चूत की प्यास को बुझा दो साहिल ऊफफ्फ़ करती रही।

अब शिल्पा को भी मेरे धक्को से मज़ा आने लगा था और वो भी हल्के हल्के अपनी कमर को उठाकर मेरा साथ देने लगी थी, में पूरी तरह से जोश में आकर अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर कर रहा था और साथ ही साथ में उसके होंठो को भी चूम रहा था। तभी अचनाक से उसकी कमर को हिलाने की गति अब बहुत तेज हो गई थी और वो मुझसे कहने लगी थी, साहिल आज मेरी चूत को तुम पूरा फाड़ दो और ज़ोर से करो मेरे साथ आआअहह हाँ ऐसे ही करते रहो। फिर वो मुझसे कहने लगी ऊफ्फ्फ हाँ साहिल करते रहो और उसने अपने दोनों पैरों से मेरी कमर को पूरी तरह से जकड़ लिया। फिर वो एक ज़ोर के झटके के साथ झड़ गई और अब वो मेरे होंठो पर अपने होंठो को रखकर मुझे चूमने लगी थी और मेरा लंड भी अब अपने आखरी दौर पर आ चुका था इसलिए में अब और भी ज्यादा ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा था। फिर में भी ज्यादा ज़ोर ज़ोर से झटके मारने हुए उसकी चूत में झड़ने लगा था और में उसकी चूत में ही झड़ गया, जिसकी वजह से उसकी चूत अब मेरे वीर्य से भर गई। फिर में करीब दो मिनट तक ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा।

फिर उसके बाद में उसके पास में आकर लेट गया और वो मेरे कंधे पर अपना सर रखकर लेट गई, तब मैंने देखा कि उसका वो गोरा नंगा मुलायम शरीर सच में बहुत ही सुंदर लग रहा था। फिर मैंने उसी रात को एक बार फिर से उसकी चुदाई के मज़े लिए और सुबह करीब पांच बजे जब हल्की हल्की रोशनी होने लगी, तब हम दोनों नीचे चले गए और जब हम दोनों नीचे गये, तब तक सीमा जाग चुकी थी। फिर उसने हम दोनों को एक साथ देखकर वो हंसते हुए पूछने लगी क्या पूरी रात आप लोग सोए नहीं? शिल्पा तो उसके मुहं से वो बात सुनकर बिना कुछ कहे उसकी तरफ देखकर हंसती हुई उसके रूम के अंदर चली गई और फिर में भी उसकी तरफ देखकर मुस्कुराता हुआ नीचे अपने रूम में चला गया। दोस्तों उस दिन शिल्पा पूरा दिन आराम करती रही और वो उस दिन अपनी कोचिंग क्लास भी नहीं गई और वैसा ही मेरा भी हाल था। दोस्तों पूरे दस दिनों तक तो लगातार हम लोग रोज रात में इस तरह से चुदाई का खेल खेलते रहे, लेकिन एक दिन सीमा ने हम दोनों को चुदाई करते हुए देख लिया और उसने मुझसे अकेले में सही मौका देखकर कहा कि में उसके साथ भी चुदाई करूं। फिर वो कहने लगी कि मुझे पता है आपको चुदाई करने का बहुत अच्छा अनुभव है प्लीज मुझे भी वो मज़े आपके साथ चाहिए।

दोस्तों उसके मुहं से वो बात सुनकर में एकदम चकित हो गया, लेकिन में मन ही मन बहुत खुश भी था क्योंकि अब मुझे एक की जगह दो दो चूत चुदाई करने के लिए मिलने वाली थी। अब मैंने उसकी वो बात सुनकर उत्साहित होकर उसको उसकी चुदाई के लिए भी हाँ कह दिया था और फिर में सीमा की चुदाई करने के लिए भी कोई अच्छी जगह सही मौके की तलाश में रहने लगा था। दोस्तों शिल्पा और सीमा की चुदाई की वो बात में आप सभी को अपनी अगली कहानी में जरुर बताऊंगा ।।

धन्यवाद …

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