देवर के लोड़े का मजा चूत में लिया

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प्रेषक : नेहा …

हैल्लो दोस्तों, में कामुकता डॉट कॉम की नियमित पाठक हूँ। मेरा नाम नेहा है और मेरी शादी हुए अभी 5 साल हुए है, मेरे एक डेढ़ साल की बच्ची भी है। हमारे परिवार में सास, ससुर, देवर, उसकी पत्नी, में और मेरे पति एक साथ ही रहते है। मेरे बड़े देवर एक कंपनी में मैनेजर है और उनकी पत्नी मुंबई की है और वो दोनों ही स्वभाव से बड़े प्यारे है। मेरी देवरानी तो दिखने में बहुत सुंदर है और देवर जी का तो क्या कहना? वो तो हर रोज सुबह 5 बजे उठकर मैदान पर एक्सरसाईज करने जाते है बारिश हो या सर्दी गर्मी, लेकिन उनका स्वाभाव थोड़ा गर्म होने के कारण घर में सभी उनसे बहुत डरते है। मेरे पति भी बिजनसमैन है, जिसमें कम से कम 12 घंटे खड़े रहकर ही काम करना पड़ता है। हमारी सेक्स लाईफ पहले साल तो बहुत खूब रही, रात में दिन में जब चाहे तब हम सेक्स का आनंद उठाते थे, क्योंकि हमारे रूम सेपरेट है, लेकिन जब लड़की हो गयी तो तब से मेरे पति मुझसे नाराज हो गये, ऐसा मुझे लगता था और हमारी सेक्स लाईफ भी बहुत बोरिंग हो गयी थी।

हमारे परिवार में एक आदत है कि जो भी सेक्स का मज़ा लेता था तो उसे सिर के ऊपर से नहाना पड़ता था। में तो हफ्ते में खाली 2 बार सेक्स का आनंद लेती थी, क्योंकि मेरे पति काम पर से थककर आते थे और जल्दी सो जाते थे, लेकिन में मेरी देवरानी को देखती थी कि वो तो रोज सिर के ऊपर से नहाती थी, इसका मतलब देवर जी और वो रोज सेक्स करते थे। फिर एक दिन घर में कोई नहीं था, में और मेरी देवरानी दोनों ही थे, बाकी सब बाहर गये थे, देवर जी काम पर और मेरे पति भी शॉप पर थे। फिर दोपहर में खाना खाने के बाद में और मेरी देवरानी दोनों टी.वी पर हिन्दी मूवी देख रहे थे। तो तब अचानक से एक सेक्सी सीन चालू हो गया, हीरो हिरोइन का चुंबन ले रहा था।

फिर मैंने देवरानी की तरफ देखा, तो वो बहुत शर्मा गयी। फिर मैंने उनसे कहा कि इसमें शरमाने की क्या बात है? क्या देवर जी चुंबन नहीं लेते क्या? तो वो बोली कि अरे ये तो कुछ नहीं, वो तो मुझे ऐसा किस करते है कि तुम पूछो मत। अब मेरी उत्सकता बढ़ गयी थी। फिर में उठकर बाथरूम के बहाने जाकर देखकर आई कि बाहर कोई नहीं है और वापस उनके पास आकर बैठ गयी। अब मेरा एक हाथ उनके पेट के ऊपर था। फिर मैंने उनसे पूछा कि आप दोनों कैसे सेक्स करते हो। तो पहले तो वो शर्मा रही थी, लेकिन वो सीन देखकर वो भी खुल गयी और बताने लगी कि रूम में जाते ही वो बड़े प्यार से मुझे अपनी बाँहों में ले लेते है, फिर हम सोफे पर बैठते है, उसके बाद वो मेरे बाल से क्लिप निकालकर उन्हें खुला कर देते है और फिर मेरे बालों में अपने हाथ डालकर वो किस करना चालू कर देते है, पहले तो होंठो पर किस करते है, फिर धीरे-धीरे अपनी जीभ मेरे मुँह में डालना शुरू कर देते है।

फिर में भी अपनी जीभ से उनकी जीभ को किस करती रहती हूँ। अब देवरानी गर्म हो रही थी और उसकी पेंटी गीली होने लगी थी। अब मैंने उनके पेट पर अपना हाथ फैरना शुरू कर दिया था। अब वो भी खुलकर बता रही थी और किस करने के बाद वो मेरे बूब्स को सहलाकर एक-एक करके अपने मुँह में लेते है और फिर मेरे दोनों बूब्स अपने मुँह में लेते है। फिर मैंने उनके बूब्स पर अपना हाथ लगाया तो वो चौंक गयी और बोली कि यह आप क्या कर रही हो? तो तब में बोली कि तुम्हारा साईज देख रही हूँ, उनकी साईज 32 थी, वो बहुत ही स्लिम है। फिर वो बोली बाद में वो धीरे-धीरे मेरे पूरे बदन पर किस करते है और फिर आख़िर में वो मेरे पेंटी पर किस करते-करते अपनी जीभ मेरे चूत के अंदर डालकर मेरी चूत को चूसना चालू कर देते है। अब ऐसा सुनकर अब मेरा बदन पूरा गर्म हो चुका था। फिर मैंने उनका हाथ अपने बूब्स पर रख दिया और बोली कि मेरी साईज चैक करो। फिर उन्होंने अपना हाथ फैरना चालू कर दिया, मेरे बूब्स उनसे काफ़ी बड़े थे।

फिर वो बोली कि उन्हें (देवर जी को) तो बड़े-बड़े बूब्स बहुत पसंद है। अब में तो मन ही मन में देवर जी का ख्याल करने लगी थी। फिर उन्होंने मुझे बताया कि उनका सेक्स कम से कम 40 मिनट तक चलता है, जिसमें वो हर पोजिशन में चुदाई करके मज़ा लेते है, लेकिन उन्होंने ये भी बताया कि देवर जी को वो ठीक तरह से रेस्पॉन्स नहीं दे पाती, क्योंकि वो बहुत पतली है और देवर जी हट्टे कट्टे है। अब में तो हैरान हो गयी थी की 40 मिनट तक वो सेक्स का मज़ा लेते है, मेरे पति तो 8-10 मिनट में झड़ जाते है। फिर बाद में मैंने उनके बूब्स सहलाना चालू कर दिया और धीरे-धीरे उनकी चूत के पास जाने लगी। उनकी चूत बहुत गोरी थी और खास करके साफ थी। फिर वो बोली कि देवर जी को साफ चूत बहुत पसंद है, उन्हें चाटने में बहुत मज़ा आता है।

अब मैंने तो ठान लिया था कि जिंदगी में अगर कभी मौका मिला तो में देवर जी से जरूर चुदवाऊँगी। फिर मेरी देवरानी ने बताया कि उनका तो लंड भी बहुत मोटा है, करीब 7 इंच लम्बा है, मेरे पति का तो 5 इंच का है। अब यह सुनकर मैंने पक्का कर दिया था कि अब मुझे तो बस देवर से चुदवाना है। तो तब देवरानी बोली कि क्या सोच रही हो? उनसे चुदवाना चाहती हो क्या? तो तब में शर्मा गयी और मैंने ना कह दिया और फिर हम दोनों उठ गये और फिर वो नहाने चली गयी, क्योंकि हम दोनों का पानी निकल चुका था। लेकिन में देवर जी के बारे में सोचते हुए अपनी चूत को सहलाने लगी थी और मन ही मन में अपना बदन देवर जी को सौप चुकी थी, क्योंकि मेरे पति का लंड भी छोटा था, उनकी सेक्स में रूचि भी कम हो गई थी और हमारे सेक्स का टाइमिंग भी कम था और अब में जिस मौके की तलाश में थी वो मौका आ गया था। अब रविवार को मेरी सास के भाई के लड़के की शादी थी और शनिवार को हम सब प्लानिंग करते बैठे थे कि गाँव में शादी है और गाडियों की कमी की वजह से कैसे जाए?

फिर तब देवर जी बोले कि में तो नहीं आ सकता, क्योंकि मुझे छुट्टी नहीं है, लेकिन वो बोले कि में एक गाड़ी एड्जस्ट कर सकता हूँ और फिर उन्होंने गाड़ी का प्रोब्लम सॉल्व कर दिया। फिर खाना खाने के बाद हम सोने चले गये, लेकिन अब मुझे तो नींद नहीं आ रही थी, क्योंकि देवर जी तो नहीं आने वाले थे, यानि वो घर पर अकेले रहेंगे। अब यह सोचकर ही मेरी नींद उड़ गयी थी। फिर मेरे पति बोले कि क्या सोच रही हो? तो तब में बोली कि कुछ नहीं। फिर वो मुझे चूमने लगे और अब में भी गर्म ही थी तो उस रात को मुझे उनसे चुदवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था, लेकिन वो 5-10 मिनट में ही झड़ गये और मेरी चूत की प्यास और बढ़ गयी थी। फिर सेक्स करने के बाद मेरे पति मुझसे बोले कि सो जाना, कल जल्दी उठना और वो सो गये, लेकिन अब में तो प्यासी ही थी और अब मुझे नींद नहीं आ रही थी। अब में तो सोच में ही थी की तभी मुझे कुछ आवाज़े आने लगी। अब तो मेरे मन में शंका जाग उठी थी कि कही ये देवरानी की आवाज तो नहीं। फिर मैंने देखा कि मेरे पति तो पूरे सो गये थे और अब में तो नंगी उठकर दीवार से अपने कान लगाकर ध्यान से सुन रही थी।

अब देवरानी तो सेक्स का मज़ा ले रही थी, उसके मुँह से आआ, उूउउ, बससस्स ज़ोर से ऐसी आवाज़े आ रही थी। फिर मैंने सुना कि उनके दीवान की आवाज निकल रही थी और देवरानी बोली कि थोड़ा धीरे से करो ना, बहुत ही ज़ोर से कर रहे हो। तब देवर जी बोले कि अरे सेक्स का मज़ा तो ज़ोर से ठोकने में ही है, धीरे-धीरे क्या बोल रही हो? तो तब वो बोली कि कितना टाईम हो गया अपनी चुदाई चल रही है? तो तब देवर जी ने बोला कि अभी तो 35 मिनट हो गये है और बहुत चुदाई बाकी है। तब उसी टाईम देवरानी बोली कि मेरा आने वाला है और आआमम्म्मा आह करने लगी और शायद वो झड़ गयी। लेकिन देवर तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। अब वो तो टकाटक चुदाई कर रहे थे और 10-15 मिनट के बाद देवर ने ज़ोर-जोर से चुदाई करनी चालू की तो देवरानी की आवाज़े ज़ोर से आने लगी।

अब में तो वो सब सुनकर ही हैरान और गर्म हो गयी थी कि एक तरफ मेरा पति था, जो 5-10 मिनट चुदाई करके सो गया था और दूसरी तरफ मेरे बड़े देवर थे जो चुदाई के वक़्त रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। तभी इतने में मैंने सुना कि देवरानी उनको बोल रही थी कि बस करो, बस करो। तब देवर जी गुस्सा हो गये और उनके शरीर के ऊपर से उठ गये और बाथरूम में जाने की आवाज पाकर में बाथरूम के दरवाजे से देखने लगी, जो लगभग खुला ही था। अब देवर जी अपना 7 इंच का लंड अपने हाथ में लेकर हिला रहे थे और मुँह से बोल रहे थे कि काश मुझे चुदाई के लिए दूसरी कोई मिल जाए, क्योंकि देवरानी ने तो उनका मूड ही ख़राब कर दिया था और वो प्यासे थे। फिर आख़िरकार उनका वीर्य गिर गया। अब में उधर से निकलकर अपने बेड पर आकर सोने लगी थी, तो तब मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों ना में घर पर रुक जाऊं? और अब मैंने अपनी प्यास बुझाने का पक्का इरादा बना लिया था।

फिर सुबह होते ही मेरे पति बोले कि चलो जल्दी से तैयार हो जाओ, अपने को जल्दी निकलना है। अब मेरा तो मूड ही नहीं था और में बहाना ढूँढने लगी थी। फिर में बाथरूम में चली गयी और नहाते समय सोचने लगी, तो उसी टाईम साबुन मेरे हाथ से फिसल गया और मुझे एक आइडिया आया कि क्यों ना साबुन का इस्तेमाल करे? और मैंने वैसा ही किया। फिर मैंने साबुन दरवाजे के बाहर रखकर उसके ऊपर अपना पैर रख दिया तो साबुन की वजह से में फिसलकर गिर पड़ी और रोने लगी। फिर तब मेरे पति मुझे उठाकर बोले कि क्या हुआ? तो मैंने जवाब दिया कि में गिर गयी हूँ और मुझसे उठा नहीं जा रहा है। तब उन्होंने आकर मुझे उठाया और बेड पर लेटा दिया और बोले कि ज़्यादा लगी है क्या? तो तब मैंने रोना शुरू कर दिया। फिर तब वो बोले कि जाने दो, में आज शादी में नहीं जाता अगर तुम साथ में नहीं हो तो मज़ा नहीं आएगा, लेकिन मैंने कह दिया कि आपको तो जाना ही पड़ेगा, क्योंकि सब जा रहे है और ये तो गाँव में आख़िरी शादी है।

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फिर तब वो बोले कि ठीक है, लेकिन अपना ख्याल रखना और फिर सब घर से शादी के लिए निकल पड़े सिवाए में और मेरे बड़े देवर जी के। फिर जैसे ही सब निकल गये, तो तब मेरे देवर जी रोज की तरह क्रिकेट खेलने को जाने लगे। फिर में अपने पैर को लेकर चिल्ला उठी कि मेरे पैर में बहुत दर्द हो रहा है, तो वो रुक गये। फिर मैंने कहा कि मेरा पैर दर्द कर रहा है। तब वो बोले कि चलो डॉक्टर के पास चलते है। फिर मैंने कहा कि डॉक्टर के पास नहीं, इतनी सुबह डॉक्टर कहाँ होगा? तो वो भी परेशान हो गये कि अब क्या करे? वो तो स्पेशलिस्ट खिलाड़ी थे तो वो बोले कि क्या में तुम्हारे पैर की मालिश कर दूँ, तो मैंने तुरंत हाँ कर दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब ऐसा मौका फिर बार-बार नहीं आने वाला था और में इसे गंवाना नहीं चाहती थी। फिर उन्होंने नारियल का तेल गर्म करने के लिए गैस जला दिया और मेरे पास आकर बोले कि कहाँ दर्द हो रहा है? तो में शर्मा गयी। तब वो बोले कि अरे इसमें शरमाने की क्या बात है? अगर दर्द की जगह नहीं बताओगी, तो में कहाँ मालिश करूँगा? तो तब मैंने उन्हें बताया कि घुटने के ऊपर और कमर में भी मोच आई है। फिर वो बोले कि ठीक है और फिर वो उठकर किचन में गये और गर्म किया हुआ तेल लेकर फिर से वापस बेड पर आ गये। अब घर में सिवाए मेरे और उनके कोई नहीं था इसलिए वो भी टेन्शन में थे। तब मैंने कहा कि क्या बात है? तो वो बोले कि में तुम्हें कैसे मालिश करूँ? तुम तो मेरे भाई की बीवी हो और पराई औरत को तो में हाथ भी नहीं लगता। तब मैंने झट से बोला कि रहने दो मेरी जान भी चली जाए तो आपको क्या है? दर्द मुझे हो रहा है तो होने दो, में तो डॉक्टर के पास नहीं जाऊंगी, मुझे मेरे हाल पर छोड़ दो और आप खेलने जा सकते हो। तो तब वो बोले कि नहीं मेरी सोच ने धोखा खाया कि अगर किसी ने देख लिया तो? तो तब मैंने कहा कि घर में कोई नहीं है तो इसमें डरने की क्या बात है?

फिर मेरे ऐसा कहने से वो मालिश करने को तैयार हो गये और फिर उन्होंने मालिश चालू कर दी। फिर जैसे ही उन्होंने मुझे टच किया तो मेरा पूरा बदन गर्म हो गया और कांप उठा। अब उनके हाथ का स्पर्श बहुत ही हार्ड था, लेकिन मुझे वो अच्छा लगने लगा था। मैंने जानबूझकर पेंटी नहीं पहनी थी और ब्रा भी नहीं पहनी थी। अब वो मेरे पैर तक मालिश कर रहे थे, तो तब मैंने उनसे कहा कि मुझे घुटने के ऊपर मोच आई है। तो तब वो शर्माकर बोले कि कोई देख लेगा। तब मैंने कह दिया कि दरवाजा बंद कर दो और बाद में मालिश करो। तो उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और तेल की बोतल लेकर मेरा गाउन घुटने के ऊपर उठाया। फिर जैसे ही उन्होंने मेरा गाउन उठाया, तो वो हक्के-बक्के रह गये, शायद उन्हें मेरी चूत दिखाई दी होगी और अब वो भी जमकर मालिश करने लगे थे। फिर मेरी नजर उनके लंड के ऊपर पड़ गयी। अब वो टावल में से निकलने को बेताब था और फड़फड़ा रहा था।

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फिर मैंने अपनी दोनों जांघे थोड़ी फैला दी, तो वैसे ही उन्हें मेरी चूत के दर्शन हुए। अब वो भी थोड़े गर्म हो गये थे और सेक्सी मिज़ाज में मालिश कर रहे थे। फिर उसी कारण मैंने भी थोड़ा सोने का नाटक चालू कर दिया। तब उन्होंने धीरे-धीरे मेरी जाँघो से लेकर मेरी चूत तक अपना हाथ फैरना चालू कर दिया। अब मेरा तो पानी चूत में से निकल गया था। अब में वापस झड़ने लगी थी, शायद उन्हें भी उसकी गंध आ गयी होगी और फिर उन्होंने मेरी चूत को टच करना चालू किया और थोड़ी ही देर में उनकी उंगली मेरे चूत की दीवार से टकराने लगी। अब में ठंडी साँसे भरने लगी थी। फिर देवर जी ने मुझे उठाने का प्रयास किया और बोले कि नेहा उठो, लेकिन में सोने का नाटक कर रही थी। अब उन्होंने जान लिया था कि अब में भी चूत छूने का आनंद ले रही हूँ। तो तब उन्होंने वापस अपना खेल चालू कर दिया, लेकिन अब वो डाइरेक्ट मुझे फिंगर फुक कर रहे थे और अपनी उंगली मेरी चूत में अंदर बाहर कर रहे थे।

अब में वापस से झड़ गयी थी तो मेरा सारा पानी उनके हाथ पर लग गया और उन्होंने भी वो पूरा चाट लिया था। तभी अचानक से वो मेरे गाउन में घुस गये और मेरी चूत चाटने लगे। अब में तो खुशी से पागल हो गयी थी। फिर मैंने अपना गाउन उनके सिर से हटा दिया और में उठ गयी। तो वो तुरंत बाजू में हो गये और सॉरी बोलने लगे कि मुझसे गलती हो गयी। तो तब मैंने उनसे पूछा कि क्या उनको मेरी चूत पसंद आई? क्या मेरी चूत देवरानी जी से भी अच्छी है? तो वो मेरे पास आ गये और मुझे किस करते हुए बोलने लगे कि तेरी चूत तो स्वर्ग है, इतनी सुंदर चूत मैंने कभी नहीं देखी। तो तब में बोली कि चाटना है? तो देर क्यो कर रहे हो? अब उन्हें मूड आ गया था तो उन्होंने मेरा गाउन उतारा और मेरे बूब्स चूसने चालू कर दिए। अब में तो पागल हो गयी थी। अब मैंने भी उन्हें किस करना चालू कर दिया था। अब उनके सिर पर सेक्स भूत सवार था। अब हम दोनों ही प्यासे थे। फिर मेरे बूब्स चूसते-चूसते वो फिर से मेरी चूत की तरफ बढ़ गये और वापस से मेरी चूत को लीक करना चालू कर दिया।

फिर में भी उनका 7 इंच का लंड पकड़कर बोली कि मुझे भी उसका टेस्ट लेना है, तो हम 69 की पोजिशन में आ गये और एक दूसरे का चाटने लगे। अब में तीसरी बार झड़ गयी थी, में मेरे पति के साथ मुश्किल से एक बार झड़ जाती थी, लेकिन देवर के साथ में ये मेरी तीसरी बारी थी, चुदाई के पहले ही। फिर हम दोनों उठकर खड़े हो गये। अब वो मुझे किस कर रहे थे, उनके किस करने का स्टाइल ही बहुत सेक्सी था, वो होंठो का तो बखूबी इस्तेमाल कर रहे थे। फिर उन्होंने मुझे अपनी गोदी में बैठाकर उठा लिया और बाथरूम में ले जाने लगे। तब मैंने कहा कि इधर ही जल्दी चोदो ना। तो तब वो बोले कि धीरज रखो मेरी रानी, इतनी भी क्या जल्दी है? फिर बाथरूम में उन्होंने शॉवर चालू कर दिया। तब मैंने पूछा कि क्या करने का इरादा है? तो वो बोले कि उन्होंने पहली बार जब देवरानी को चोदा था तो ऐसे ही शॉवर के नीचे ही चोदा था।

फिर तब मैंने पूछा कि देवरानी उस दिन क्यों चिल्ला रही थी? तो तब वो चौक गये और बोले कि तुमने कब सुन लिया? तो तब मैंने उन्हें मेरी सारी कहानी बता दी, कैसे में प्यासी रही? और फिर मैंने कैसे प्लान किया? और हम कैसे इस मोड़ पर आ गये? तो तब वो खुश होकर मुझे चूमने लगे और शॉवर के नीचे मुझे झुककर खड़ा रहने को कहा। फिर में जैसे ही झुकी, तो वैसे ही उन्होंने अपना लंड मेरी चूत पर रख दिया। तो में डर गयी कि कहीं ये मेरी चूत ना फाड़ दे, लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे से चोदना चालू कर दिया। अब में तो सातवें आसमान पर थी। अब उनका तगड़ा लंड मेरी चूत में धीरे-धीरे करते पूरा अंदर हो गया था और फिर उनकी स्पीड भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी। अब में तो मज़े ले रही थी और उनका साथ दे रही थी, लेकिन अचानक से उन्होंने बहुत ज़ोर से चोदना चालू कर दिया। अब में वो स्पीड देखकर हैरान हो गयी थी, मेरी जिंदगी में मैंने कभी ऐसा चोदने वाला नहीं देखा था।

फिर मैंने उनसे बोला कि धीरे-धीरे, लेकिन वो सुनने के मूड में नहीं थे। फिर मैंने भी उन्हें उकसाया कि और ज़ोर से, ज़ोर से और मेरी आवाज़े निकलने लगी आह धीरे, हाईईईई। अब उनके लंड ने तो मेरी चूत को ज़ोर-जोर से मारना चालू किया था। फिर उन्होंने मुझे वही पर शॉवर के नीचे लेटा दिया और फिर वो मेरे ऊपर लेट गये। फिर उन्होंने मेरी दोनों टाँगे अपने कंधे पर ले ली और अपना 7 इंच लम्बा लंड मेरी चूत में डालने लगे। फिर लंड डालते टाईम ही मेरी चूत में से पानी आने लगा, लेकिन फिर भी उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया और मेरी दोनों टाँगे पकड़कर चोदना चालू कर दिया। अब मेरी तो पूरी प्यास बुझ गयी थी, लेकिन मेरा राजा अभी भी प्यासा था और फिर मैंने नीचे से उन्हें रेस्पॉन्स देना चालू कर दिया। फिर तब वो बोले कि क्या तुम मुझे चोदना चाहती हो? तो मैंने बोला कि हाँ में तुम्हें चोदना चाहती हूँ। तो फिर हम दोनों वापस बेडरूम में आ गये, लेकिन उन्होंने मुझे बाथरूम से चलकर नहीं आने दिया। अब वो मुझे अपने लंड पर बैठाकर ही बेडरूम तक लेकर आए थे। फिर वो लेट गये और मैंने धीरे-धीरे उनका लंड अपनी चूत में लेना चालू कर दिया।

फिर पहले तो मुझे बहुत दर्द हो रहा था, क्योंकि इतने टाईम (40 मिनट) तक मैंने कभी भी सेक्स नहीं किया था, लेकिन बाद में मज़ा आने लगा और अब में सेक्स के स्वर्ग में थी। फिर मैंने धीरे-धीरे करते हुए थोड़ी स्पीड बढ़ाई तो तब देवर जी बोले कि क्या बात है? फिर से जोश चढ़ गया क्या? तो तब मैंने बोला कि आपका लंड ही इतना गर्म है कि में तो पागल हो गयी हूँ, मुझे भी नहीं पता कि इतनी ताकत मुझमें कहाँ से आ गयी? तो तब उन्होंने मुझे नीचे से चोदना चालू कर दिया और ज़ोर-ज़ोर से झटके देने लगे। अब मुझे तो इतना मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊँ? अब में वापस झड़ गयी थी और उसी टाईम वो भी बोले कि नेहा मेरा निकलने वाला है। तब मैंने कहा कि मेरे अंदर ही डाल देना, प्लीज बाहर मत छोड़ना। फिर वो बोले कि ठीक है और वापस ज़ोर से चोदना चालू कर दिया। फिर उन्होंने इतनी स्पीड बढ़ाई की मेरे बूब्स मेरी कमर और मेरा पूरा बदन हिलने लगा और मेरी चूत में भी दर्द होने लगा था, लेकिन देवर जी रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। फिर थोड़ी देर के बाद मेरी चूत में कुछ गर्म सा महसूस हुआ तो मैंने देखा कि मेरी चूत पूरी की पूरी वीर्य से भर गयी थी और बहुत सारा वीर्य मेरी जाँघो पर बह रहा था। अब मेरी चूत की तो देवर जी ने पूरी तरह से प्यास बुझा दी थी। फिर इस तरह से देवर जी ने मुझे मेरी लाईफ का एक बहुत अच्छा आनंद दिया। अब तो हमें जब भी कोई मौका मिलता है तो तब हम सेक्स का आनंद लेते है और उनसे मुझे एक बेटा भी हो गया है। अब में तो पूरी तरह से देवर जी की हो गयी हूँ। अब हम दोनों मौका मिलते ही चुदाई कर लेते है और खूब इन्जॉय करते है ।।

धन्यवाद …

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