जयपुर की कुँवारी चूत का भोसड़ा बना डाला

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प्रेषक : अनिल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अनिल है और में अब 28 साल का हो चुका हूँ। दोस्तों यह मेरी कामुकता डॉट कॉम पर अपनी एक सच्ची घटना है और में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े बहुत लेता आ रहा हूँ और वैसे इससे पहले भी में आप सभी को अपनी तीन सच्ची घटनाओं को लिखकर सुना चुका हूँ। दोस्तों यह तब की घटना है जब में जयपुर में रहकर अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर रहा था और तीन साल तक सब कुछ ठीक तरह से चलता रहा। में अपनी पढ़ाई बहुत मन लगाकर करता रहा और मेरा वहां पर बहुत मन लग चुका था, लेकिन आखरी साल में एक लड़की अचानक से मेरे जीवन में आ गई जो मेरे ही बेच की थी, वो दिखने में बहुत सुंदर गोरी बहुत ही आकर्षक थी। दोस्तों में उस समय 24 साल का था और वो 19 साल की थी। हमारी बातें धीरे धीरे आगे बढ़ती चली गई और हमारे बीच बड़ी गहरी दोस्ती हो गयी और उस वजह से हमारे बीच बहुत हँसी मजाक होने लगा था। उसने कभी भी मेरी किसी बात का बुरा नहीं माना और हम दोनों एक दूसरे का वो साथ पाकर बड़ा खुश थे और ऐसा कुछ दिनों तक वैसे ही चलता रहा।

फिर उसने एक दिन मुझे अपने घर बुलाया और में चला गया। वहां पर में उसके घरवालों से मिला और उसने मेरा उनसे परिचय करवा दिया। दोस्तों उसकी तरह उसके घरवालों का भी स्वभाव और बात करने का तरीका मतलब कि वो सभी घरवाले बहुत मिलनसार लोग थे, वो इतने खुले विचारो के थे कि उन्होंने जब में उनके घर पर पहुंचा तो मेरा बहुत अच्छे से हँसकर स्वागत किया और मुझे चाय पानी के लिए पूछा। उनको मेरा प्रिया के साथ रहना और उससे बातें करने से कोई भी आपत्ति नहीं थी। फिर कुछ देर ऐसे ही उसकी मम्मी परिवार के लोगों के साथ बैठकर इधर उधर की बातें करते हुए उसकी मम्मी मुझसे कहने लगी कि बेटा आप यहाँ पर किराए से एक कमरा लेकर रहते हो इससे अच्छा तो यह होगा कि आप हमारे घर ही रहने आ जाओ, आपके यहाँ पर रहने पर आप इसको इसकी पढ़ाई में भी थोड़ा मदद कर देना और उस वजह से इसको बहुत आसानी होगी और इसको किसी बात को पूछने के लिए कहीं बाहर किसी के पास नहीं जाना पड़ेगा और हमें भी आपके यहाँ पर रहने से ख़ुशी महसूस होगी। वैसे भी प्रिया के पापा का काम भी कुछ ऐसा ही है जिसकी वजह से इस घर में हम सभी ज्यादा समय अकेले ही रहते है। फिर मैंने कुछ देर सोचकर उनकी उस बात को मान लिया और में मन ही मन बड़ा खुश था क्योंकि में भी प्रिया को मन ही मन बहुत प्यार करने लगा था और अब में भी उसके कुछ ज्यादा पास आना चाहता था, इसलिए ऊपर वाले ने मेरे मन की बात को सुनकर मुझे यह इतना अच्छा मौका दे दिया था। दोस्तों अब में आप सभी को उनके परिवार के बारे में भी बता दूँ। अंकल जी एक ड्राइवर है और इस वजह से वो हमेशा अपने घर से बाहर ही रहते है और आंटी जी वो एक ग्रहणी है और उनकी बड़ी लड़की जिसका नाम प्रिया है जो मेरी गर्लफ्रेंड है और उससे एक साल छोटा एक भाई है जिसका नाम राहुल है और फिर उससे दो साल छोटी एक बहन जिसका नाम पिंकी है और आखरी में सबसे छोटा एक भाई जिसका नाम पप्पू है। यह सभी लोग उस घर में रहते थे। हाँ तो दोस्तों में फिर उनके घर में रहने लगा था और उन लोगों की आदत थी कि राहुल और पप्पू के सामने ही वो लोग अपने कपड़े बदल लिया करते थे, लेकिन वो मुझसे हमेशा परदा किया करते थे, लेकिन मुझे भी कभी कभी थोड़ी सी मेहनत करने पर उनकी थोड़ी बहुत झलक मिल ही जाती थी। उसकी मम्मी के बूब्स 38 इंच करीब होंगे। दोस्तों प्रिया के बारे तो में पहले भी बता चुका हूँ कि वो 19 साल की थी और उसके बूब्स का आकार करीब 32 इंच होगा। उसकी छोटी बहन पिंकी तब 17 की थी, लेकिन उसके बूब्स 36 इंच से कम नहीं थे। दोस्तों उनके उस घर में दो कमरे और एक हॉल था। सभी लोग एक साथ उस हॉल में ही सो जाते थे और उसके पापा सप्ताह में एक बार अपने घर पर आते थे और वो तब प्रिया की मम्मी के साथ एक रूम में सोने चले जाते थे।

दोस्तों वैसे मैंने कई बार रात को उठकर चोरी-छिपे उन दोनों की चुदाई भी देखी थी, जिसको देखकर मेरा मन भी अब प्रिया की चुदाई करने के लिए कुछ ज्यादा ही उत्साहित होने लगा था और में उसकी चुदाई के लिए किसी अच्छे मौके की तलाश में था। दोस्तों उनका एक रूम पढ़ाई का कमरा था, जिसमें उसके छोटे बहन भाई भी अपनी पढ़ाई किया करते थे, लेकिन वो सभी कुछ घंटो की पढ़ाई के बाद उस कमरे से बाहर निकलकर अपने दूसरे काम करने लगते, लेकिन में प्रिया के साथ देर रात तक उसी पढ़ाई वाले कमरे में पढ़ा करता था। उस कमरे का दरवाज़ा हॉल में खुलता था और हॉल में हर कभी टीवी चलती रहती थी इसलिए प्रिया की मम्मी हमेशा उस कमरे का दरवाज़ा बंद रखने को बोलती थी और जब तक हम पढ़ाई करते तब तक सभी लोग गहरी नींद में सो जाते थे और फिर हम दोनों भी बाहर आकर अपनी अपनी जगह पर सो जाते थे। दोस्तों मेरे उसके घर पर रहने के बाद इस बार के इंटर्नल पेपर में उसके बड़े अच्छे नंबर आए तो उसने अपनी मम्मी के सामने ही मेरी बहुत तारीफ की और रात को पढ़ाई करते वक्त उसने मुझे धन्यवाद कहा और मेरा हाथ चूम लिया। फिर मैंने उससे उन सबकी वजह पूछी तो वो बोली कि आपके रहते ही इस बार मेरे बहुत अच्छे नंबर आए है, क्योंकि आपने मुझे बहुत कुछ बताया मेरी बड़ी मदद की है और अब में भी थोड़ा सा आगे बढ़ने लगा था और कभी कभी में भी अच्छा मौका उसका मूड देखकर उसके हाथ को चूम लिया करता था और अब हम दोनों समय बीतने के बाद इतने करीब आ गये थे कि हम एक ही कंबल के अंदर बैठकर रात को अपनी पढ़ाई किया करते थे और में जानबूझ कर उसके पास उससे चिपकने की कोशिश किया करता, लेकिन वो मेरी इस हरकत का कभी बुरा नहीं मानती थी। फिर एक दिन पता नहीं उसको पढ़ाई करते समय अचानक से नींद आ गयी और अब वो बैठे बैठे ही मेरे कंधे पर अपना सर रखकर सोने लगी। फिर मैंने कुछ देर बाद उसका सर अपनी गोदी में रखकर उसको लेटा दिया और उसके बाद में उसके बालों में अपने एक हाथ को फेरने लगा था और तभी थोड़ी देर के बाद मुझे भी अब नींद आने लगी थी, तो मेरा हाथ चलते चलते अचानक से रुक गया और तभी अचानक से वो बोली कि क्या हुआ भैया (वो मुझे हमेशा भैया ही बुलाती थी) आप हाथ चलाओ ना, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है? तो मैंने फिर से अपने हाथ को उसके सर पर चलना शुरू कर दिया और अब उसने अपनी दोनों आखें बंद कर ली। अब मेरा लंड कुछ देर बाद पाजामे के अंदर खड़ा होने लगा था, इसलिए मुझे लगा कि में अब अपने पर काबू नहीं रख सकता और बाहर हॉल में सभी लोग सो रहे थे, इसलिए में उठकर बाथरूम में चला गया और कुछ देर बाद वापस रूम में आकर मैंने उससे कहा कि तुम यहीं पर सो जाओ, में बाहर हॉल में चला जाता हूँ। तो वो बोली कि नहीं आप भी यहीं पर सो जाओ ना, जल्दी सुबह तो फिर हमें उठना ही है, उसके मुहं से वो बात सुनकर मैंने अंदर से दरवाजे को बंद कर दिया और फिर से में उस बेड पर आ गया। अब उसने एक बार फिर से अपना सर मेरी गोद में रख दिया और इस बार वो करवट लेकर लेटी हुई थी, इसलिए उसके वो गोरे बड़े आकार के बूब्स मेरे पेट से छू रहे थे और वो मुझे उसके बड़े आकार के गले से बाहर निकलकर नजर भी साफ साफ आ रहे थे।

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अब में धीरे धीरे उसके गालों और बालों को सहला रहा था और मेरे ऐसा करने की वजह से मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा होने लगा था, लेकिन अब मेरा लंड खड़ा होकर उसके गाल चूम रहा था और उसकी वजह से मुझसे रहा नहीं गया और मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके उसके गालो को चूम लिया, लेकिन वो वैसे ही सोती रही इसलिए मेरी थोड़ी सी हिम्मत बढ़ गई। फिर मैंने धीरे से उसके बूब्स को चूम लिया, लेकिन अब तो उसने अपनी आखों को खोल दिया था, इसलिए में एकदम से बहुत डर गया था, लेकिन अब भी वो मुझसे कुछ भी नहीं बोली और अब वो हल्का सा मेरी तरफ मुस्कुराकर एकदम सीधी होकर सो लेट गई। अब में भी उसका वो इशारा समझकर तुरंत उसके पास में लेट गया और अब में उसके बूब्स को सहलाने लगा था, लेकिन तब भी वो चुप ही रही और अब में उसके बूब्स के निप्पल को ज़ोर से दबाने लगा था। फिर वो मुझसे कहने लगी आईईईई प्लीज धीरे धीरे करो मुझे बहुत दर्द होता है में समझ चुका था कि अब वो भी गरम होने लगी थी और उसको भी मेरे साथ यह सब करने में बड़ा मज़ा अब आने लगा था। फिर मैंने अब हिम्मत करके उसका एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया और फिर वो पाजामे के ऊपर से ही मेरे लंड को धीरे धीरे सहलाने के साथ साथ उसके ऊपर हाथ घुमाकर उसकी लम्बाई मोटाई को महसूस करने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मैंने उसकी टी-शर्ट को ऊपर कर दिया और मुझे उसकी काले रंग की ब्रा में उसके बड़े आकार के बूब्स बहुत कसे हुए नज़र आने लगे, वो देखने पर ऐसे लगे कि जैसे उनको उस ब्रा के अंदर जबरदस्ती ठूसकर बंद किया गया हो और वो ब्रा को फाड़कर बाहर आने के लिए बहुत मचल रहे थे और वो काले रंग की ब्रा उसके दूध जैसे गोरे बदन पर बहुत जंच भी रही थी। अब मैंने फिर बिना देर किए उसकी ब्रा का हुक खोलकर उसके उन दोनों कबूतरों को बिल्कुल आज़ाद कर दिया, जिसकी वजह से वो अब मेरे सामने आकर मुझे अपनी तरफ ललचाने लगे थे और अब में उन दोनों को धीरे धीरे सहलाने दबाने लगा था, जिसकी वजह से अब उसकी वो निप्पल जोश में आकर उठ गई थी। फिर वो कुछ देर बाद मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब आप मेरा दूध पियो और मेरे बूब्स को अपने मुहं में लेकर इनको ज़ोर ज़ोर से चूसना शुरू करो और फिर इतना कहकर उसने अपने ही एक हाथ से अपने एक बूब्स को पकड़कर मेरे मुहं में डाल दिया, तो में खुश होकर उसको चूसने लगा था और वो आह्ह्ह्हह्ह ऊऊह्ह्ह्हह मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है और ज़ोर से चूसो ऊऊह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह और तभी उसने जोश में आकर अपने एक हाथ से मेरा पज़मा नीचे किया तो मेरा पांच इंच का खड़ा लंड अब उसके हाथ में आ चुका था। मुझे उसको देखकर लगा कि उसने लंड शायद पहली बार देखा था इसलिए वो बड़े ध्यान से मेरे लंड को कुछ देर देखती रही। फिर वो मुझसे बोली कि भैया यह क्या है? यह तो डंडे जैसा लग रहा है। फिर मैंने उससे कहा कि इसी डंडे के लिए सभी कुंवारी शादीशुदा लड़कियाँ, औरतें मरती है वो इसके साथ बड़े मज़े किया करती है यह रह किसी को खुश किया करता है, यह पूरी दुनिया इसी की वजह से चल रही है और अब तुम ज़रा यह बातें यहीं पर खत्म करके इसको अपने मुहं में लेकर देखो, तुम्हे भी बड़ा मज़ा आने लगेगा।

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अब उसने मेरे कहने पर ठीक वैसा ही किया, लेकिन मेरे मोटे लंड का टोपा बड़ी ही मुश्किल से उसने मुहं में गया और अब वो उसको बड़े मज़े लेकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी थी। वो लंड को अपने मुहं में पूरा अंदर करती और फिर बाहर निकाल देती और उसके बाद उस पर अपनी जीभ को घुमाकर पूरा चूसने लगती। फिर मैंने उसका वो जोश देखकर अब उसका पजामा उतारकर देखा तो उसके बाद मैंने उसकी पेंटी को अपने हाथ से छूकर देखा तो वो पूरी गीली हो चुकी थी और चूत से के पानी की खुश्बू भी आ रही थी। फिर मैंने उसकी पेंटी को खोल दिया तब मुझे उसकी उभरी हुई घने बालों वाली उस गीली कामुक चूत के दर्शन हुए जिसको देखकर में एकदम पागल हो चुका था और इसलिए मैंने तुरंत ही नीचे झुककर अपनी जीभ से चाटकर उसकी गीली चूत को साफ किया और अब में अपनी जीभ को पूरा उसके अंदर डालकर घूमाने लगा था, जिसकी वजह से वो जोश में आकर कभी अपने पैर फैलाने और कभी सिकोड़ने लगी थी और तब में उसके यह सब करने से तुरंत समझ गया था कि उसको जोश के साथ साथ अब मज़ा भी आ रहा है और अब वो भी बड़ी मस्त होकर मेरा लंड चूसने लगी थी। फिर करीब दस मिनट के बाद वो मेरे मुहं में झड़ गई और में उसकी चूत का एक एक बूँद रस पी गया, लेकिन मैंने फिर भी उसकी चूत को चूसना चाटना नहीं छोड़ा। फिर मैंने देखा कि वो अब मेरे लंड को अपने एक हाथ में लेकर आगे पीछे कर रही थी, थोड़ी देर में उसकी चूत एक बार फिर से गरम होकर गीली हो गयी थी। अब मैंने उसको उसकी पीठ के बल लेटा दिया और अपना लंड उसकी चूत पर रखकर एक हल्का सा धक्का दे दिया, जिसकी वजह से मेरा आधा लंड उसकी चूत में फिसलकर चला गया और वो उस धक्के की वजह से हुए उसके दर्द की वजह से अपने मुहं से सिसकियों की आवाज के साथ मुझसे कहने लगी आअहह उफ्फ्फ भैया आईईई में मर जाउंगी ऊऊईईईईई प्लीज अब आप इसको बाहर निकालो, दोस्तों वो उस दर्द से छटपटाने लगी थी और उसकी चीखे दर्द को देखकर में उसी समय वैसे ही रुक गया और मैंने उसके नरम होठों को अपने मुहं में ले लिया। में उसको चूमने लगा और अपने एक हाथ से उसके बूब्स को सहलाने के साथ साथ निप्पल को हल्के से दबाने भी लगा था। दोस्तों में कुछ देर यह सब ऐसे ही करता रहा और अब उसका दर्द कम होने के बाद उसकी चूत में हलचल होना शुरू हो गई थी। में उसका मतलब ठीक तरह से समझ चुका था, इसलिए मैंने अब ज्यादा देर करना बिल्कुल भी ठीक नहीं समझा। तो मैंने सही मौका देखकर अपनी तरफ से उसको दूसरा मस्त करारा झटका दे दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर जाकर सीधा उसकी बच्चेदानी से जा टकराया और उसको तब दर्द तो बहुत हुआ इसलिए वो चीखना चिल्लाना चाहती थी, लेकिन उस समय उसका मुहं मेरे मुहं में था इसलिए वो बस गुउुउऊँ गुउुउऊँ करके रह गई, लेकिन उसने मुझे अपने ऊपर से हटाने और मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकालने की बहुत कोशिश कि, लेकिन मेरी मजबूत पकड़ और जोश के सामने वो ज्यादा देर टिक ना सकी। फिर वो धीरे धीरे शांत होती चली गई और में अब उसके बूब्स पर अपना हाथ दोबारा घुमाने लगा था, जिसकी वजह से कुछ देर बाद वो बिल्कुल ठंडी होकर गरम हो गई और मैंने अपने लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करके अपना काम दोबारा से शुरू कर दिया था। फिर मैंने महसूस किया कि थोड़ी देर के बाद वो भी अब नीचे से अपने कूल्हों को उछालने लगी थी। तब मैंने अपना मुहं उसके होंठो से हटा लिया।

फिर वो मुझसे बोली कि भैया प्लीज मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा है आईईईई उफ्फ्फ आज पहली बार किसी ने ऊऊईईईईई मेरी इस प्यासी चूत में अपना लंड डाला है ऊह्ह्ह्ह प्लीज अब आप इसको बाहर मत निकालना उफफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से और ज़ोर से धक्के देकर आज आप मुझे ऐसे ही चोदते रहो, में आपसे कुछ नहीं कहने वाली वाह अपने मुझे आज खुश कर दिया है और आप बहुत अच्छे है, आपने मेरी हर काम में बड़ी मस्त मदद की है, में आपका यह साथ पाकर बड़ी खुश हूँ और आप मुझे ऐसे ही अब हर दिन रात चोदते रहना। दोस्तों में उसकी वो जोश भरी बातें सुनकर बड़ी तेज़ी से धक्के देता रहा जिससे उसका पूरा जिस्म हिल जाता और फिर करीब दस मिनट के बाद हम दोनों एक के बाद एक झड़कर शांत होकर एक दूसरे से तब तक चिपके रहे। फिर जब मेरा लंड उसकी चूत से बाहर निकला तब उसने अपनी ही पेंटी से मेरे लंड और उसके बाद अपनी चूत को भी साफ किया और कुछ देर बाद वो कमरे से बाहर निकलकर हॉल में अपनी मम्मी के पास जाकर सो गई और में कुछ देर पहले हुई उसकी उस मस्त मजेदार चुदाई के बारे में सोचने लगा और मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई और मुझे दूसरे दिन सुबह सवेरे उसी ने आकर उठाया और फिर उसके बाद हम दोनों तैयार होकर साथ में बैठकर नाश्ता करके अपने कॉलेज चले गए, लेकिन वो उस दिन मुझे बहुत खुश नजर आ रही थी। उसके चेहरे की चमक को देखकर मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि आज उसको पूरी दुनिया की ख़ुशी मिल गई थी और वो उस दिन बहुत चहक रही थी। दोस्तों उसकी उस पहली चुदाई के बाद अब वो मुझसे पूरी तरह से खुल चुकी थी और उसका समय अब मेरे साथ गुजरने लगा था और अब में भी बिना किसी संकोच के उसको कोई भी अच्छा मौका देखकर कभी चूम लिया करता तो कभी उसके बूब्स को दबा देता था। मैंने उसकी पहली बार चुदाई करके उसकी सील को तोड़ दिया और अब उसके बूब्स के साथ साथ उसके पूरे बदन का विकास होने लगा था और शरीर का हर एक अंग अपने पहले के आकार से बड़ा और ज्यादा उभरा हुआ नजर आने लगा था और अब वो पूरी तरह से जवान होकर पहले से ज्यादा हॉट सेक्सी नजर आने लगी थी। यह सब मेरा उसके साथ चुदाई करने की वजह से था और उसका साथ पाकर में भी बहुत खुश था ।।

धन्यवाद …

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