पड़ोसन की गांड तेल लगाकर चोदी

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प्रेषक : रोहन …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रोहन है और में इंदौर का रहने वाला हूँ, दोस्तों में भी पिछले कुछ सालों से कामुकता डॉट कॉम पर आप सभी की तरह सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ और मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों को पढ़ा और वो सभी मुझे बहुत अच्छी लगी और आज में आप सभी को अपनी भी एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ। यह मेरा पहला सेक्स अनुभव है और यह मेरी एक हॉट सेक्सी पड़ोसन जिसका नाम सुनीता है उसके साथ घटी एक सच्ची घटना है, वो दिखने में बहुत ही गोरी सुंदर सेक्सी लगती है और उसका वो गोरा रंग, बड़ी बड़ी काली आखें, गोलमटोल बूब्स, उसकी वो बड़ी आकार की गांड मुझे उसकी तरफ हमेशा आकर्षित किया करती थी। दोस्तों मेरी उम्र 22 साल और मेरे लंड की लम्बाई पांच इंच लंबा और तीन इंच मोटा मेरा बहुत दमदार लंड है जो किसी भी प्यासी चूत की चुदाई करके उसको शांत करने के लिए एक बहुत अच्छा लंड है और अब में अपनी आज की कहानी को शुरू करता हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों में जब 20 साल का था तो हम सभी लोग एक फ्लेट में रहा करते थे और में मेरे घर में मेरे पापा, मम्मी के साथ रहता था और मेरे पापा, मम्मी दोनों ही नौकरी करते थे। उन दिनों मेरे पड़ोस में एक नया शादीशुदा जोड़ा जिसकी अभी कुछ समय पहले शादी हुई थी वो दोनों रहने के लिए आए थे।

अब हम लोग साथ में इस तरह रहते थे कि मेरा घर और उसका घर आमने सामने था तो ज़ाहिर सी बात है कि मेरे घर के सभी सामान उन्हे दिखते होंगे और जब दरवाजा खुला होता था तब उनके घर के सभी सामान भी हमें दिखते थे और जब मैंने पहली बार मेरी नई पड़ोसन को अपने घर की छत से देखा तो में उसको देखकर बिल्कुल दंग रह गया मेरी नजर उसके सुंदर गोरे चेहरे से हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। में अपनी चकित नजरों से लगातार उसको देखता रहा और वो उस समय झाड़ू लगा रही थी इसलिए उसके वो गोरे बूब्स लटककर उसके ब्लाउज से बाहर आ रहे थे। मुझे उसके दोनों बूब्स के बीच का रास्ता भी साफ नजर आ रहा था और में बिल्कुल पागल हो चुका था, क्योंकि उसका वो गोरा बदन एकदम मखमल जैसा था और वो अधिकतर समय साड़ी पहनती थी और उसके वो बड़े आकार के बूब्स उसकी साड़ी के उस ब्लाउज में से अभी बाहर आ जाने को तैयार थे, वो आकार में इतने बड़े थे उसके बूब्स का आकार करीब 38 था और उसके कूल्हे तो जब वो चलती थी तब ऐसे उछलते थे कि मुझसे तो उनको देखकर रहा ही नहीं जाता था और में मन ही मन में उसकी तरफ आकर्षित होकर सोचा करता था कि कब में उसकी चुदाई करूं। दोस्तों बहुत ही कम समय में मेरी माँ और वो एक बहुत अच्छे दोस्त बन गये थे, इसलिए थोड़े ही महीनो में उसका मेरे घर में आना जाना शुरू हो गया था वो हर छोटे बड़े काम के लिए मेरी माँ से बात करने उनसे पूछने हमारे घर पर आ जाती थी। एक बार में अपने स्कूल से वापस अपने घर आ गया तब मैंने देखा कि मेरी माँ और सुनीता वो दोनों ही उस समय मेरे घर में बैठी हुई थी और वो दोनों बहुत ही हंस हंसकर बातें कर रही थी। तो में वो सब देखकर अपने कमरे के अंदर चला गया, लेकिन मुझे तो अब उन दोनों की बातों को सुनाना था और इसलिए मैंने जानबूझ कर अपने रूम का दरवाजा थोड़ा सा खुला छोड़ दिया था। तब मैंने सुना कि वो दोनों अपने पति के सेक्स करने के बारे में बातें कर रही थी। तो सुनीता मेरी माँ से कहने लगी कि मेरे पति का तो बहुत छोटा है इसलिए वो मेरे पूरा अंदर तक जाता ही नहीं इस वजह से मुझे वो मज़ा ही नहीं आता और वो सप्ताह में बस एक बार ही करता है और कभी कभी तो महीनो तक वो अपने काम की वजह से बाहर रहता है। दोस्तों में उसके मुहं से यह बातें सुनकर बिल्कुल दंग रह गया और अब मेरी उसकी चुदाई करने की इच्छा और भी ज्यादा बढ़ गई और अब उसके लिए में एक अच्छे से मौके की तलाश में था। मुझे अब कैसे भी करके उसकी प्यासी चूत को अपने लंड से चोदकर शांत करना था और मेरे मन में उसकी चुदाई के लिए अब नये नये विचार आने लगे थे। फिर थोड़े ही दिनों के बाद मेरी माँ ने एक दिन मुझे सुनीता को कुछ देने के लिए उसके घर पर भेज दिया। में बहुत खुश होता हुआ चला गया और जब में वहाँ पर गया तो मैंने देखा कि वो घर में बिल्कुल अकेली थी और उसका पति एक महीने के लिए कहीं बाहर गया हुआ था और उसने उस समय एक पतले कपड़े वाला गाउन पहना हुआ था, लेकिन उसने उस गाउन के अंदर ब्रा नहीं पहनी थी, इसलिए उसकी बड़ी सी तनी हुई निप्पल मुझे उसके गाउन से साफ नजर आ रही थी। वो सेक्सी नजारा देखकर मेरा लंड तुरंत सावधान की पोज़िशन की तरह तनकर खड़ा हो गया था, क्योंकि मैंने भी इससे पहले इतने पास से किसी के बूब्स नहीं देखे थे।

तभी सुनीता की नज़र भी उसी समय मेरी नज़र पर पड़ गई कि में उसके निप्पल को देखकर घूर रहा हूँ, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं बोली और यह देखकर उसने अपने होंठो को अजीब तरह से अपने दांतों से दबा लिए। फिर मैंने उनको मेरी माँ ने जो देने को कहा वो देकर निकल गया, लेकिन अब मेरी उसकी चुदाई करने की इच्छा और भी ज्यादा बढ़ गयी। एक दिन वो किसी काम की वजह से मेरे घर पर आई हुई थी, लेकिन उस समय मेरी माँ और पापा वो दोनों ही नौकरी पर गये हुए थे और में उस समय अपने कंप्यूटर पर बैठकर ब्लू फिल्म देख रहा था और गलती से में घर का मुख्य दरवाजा बंद करना भूल गया था क्योंकि मम्मी पापा अभी कुछ देर पहले ही गये थे और में उस समय अपने कंप्यूटर पर कुछ काम कर रहा था और उनके जाते ही मे वो फिल्म देखने लगा था। फिर वो सीधी ही बिना किसी आवाज के अंदर चली आई और उसने आकर देख लिया कि में अब उस समय सेक्सी फिल्म देख रहा हूँ और मैंने जब उसको अपने पास खड़ा हुआ महसूस किया तब तक उसने भी थोड़ी सी वो फिल्म देख ली थी, लेकिन मैंने फिर भी जल्दी से उस फिल्म को बंद कर दिया। फिर मैंने डरते हुए उससे पूछा कि क्या आपको कुछ काम था? तो उसने मुझसे कहा कि में घर में अकेली बैठी हुई बोर हो रही थी तो इसलिए में तुम्हारी माँ से मिलने यहाँ पर चली आई। अब मैंने उनको कहा कि मेरी माँ तो उनके ऑफिस चली गई, अगर आपको टाइम पास करना है तो आप मेरे साथ बैठकर बातें कर लीजिए। फिर वो मेरे कहने पर अब मेरे पास आकर बैठ गई और उस समय उन्होंने काले रंग की साड़ी पहनी हुई थी, जिसमे वो बहुत ही मस्त सेक्सी लग रही थी और अब उसने मुझसे पूछ लिया कि तुम अभी क्या देख रहे थे? तो में उनके मुहं से यह सवाल सुनकर पहले तो थोड़ा सा डर गया, लेकिन फिर उनके चेहरे पर वो हंसी देखकर शरमाकर बोला अच्छा तो आपने वो सब देख लिया है? अब उसने मुझसे कहा कि मुझे भी वो सब एक बार देखना है, उसके मुहं से यह बात सुनकर में एकदम दंग रह गया और अब मैंने मन ही मन में सोच लिया कि आज तो इसको कैसे भी करके मुझे इसकी चुदाई जरुर में करके ही रहूँगा। तो मैंने अब उसके कहने पर उस फिल्म को एक बार फिर से लगाकर शुरू कर दिया और मैंने देखा कि वो कुछ देर उसमे चलती चुदाई को देखते ही देखते हॉट होने लगी थी और तभी उसी समय उसने मुझसे पूछा कि क्या तुमने कभी ऐसा किया है? तो ( में मन में बोला कि हाँ आज में ऐसा जरुर करूँगा। ) मैंने बोला कि नहीं, लेकिन में ऐसा करना जरुर चाहता हूँ। तो वो मेरी उस बात को सुनकर हंस पड़ी और वो अब आगे बढ़कर मुझे मेरे होंठो पर किस करने लगी और में भी थोड़ी ही देर के बाद उसका साथ देने लगा था, वो जोश में आकर बहुत ज़ोर ज़ोर से मुझे किस करने लगी और वो किस करने के साथ साथ अब मेरी जीभ को भी चूसने लगी थी। अब में भी उसका वो जोश देखकर पूरी तरह से तैयार हो गया था इसलिए मैंने भी मेरे एक हाथ से अब उसके बूब्स को साड़ी के ऊपर से ही दबाना, उनको ज़ोर से मसलना शुरू दिया था और अब वो भी मुझे ऐसा करते देख जोश में आकर मेरे लंड को कपड़ो के ऊपर से ही पकड़कर मसलने लगी थी। अब मैंने उसके ब्लाउज के सभी बटन को तुरंत खोलकर देखा तो काले रंग की ब्रा में उसके बूब्स बहुत बड़े और सुंदर नजर आ रहे थे, उसके दोनों बूब्स को ब्रा से बाहर निकालकर ज़ोर ज़ोर से में अपने दोनों हाथों से दबाने लगा, जिसकी वजह से उसके मुँह से ओह्ह्ह्ह सीईईईई आईईईईईई की आवाज़े आने लगी थी और वो मुझसे कहने लगी कि मेरे राजा आज तुम इसे मसल डालो हाँ और ज़ोर से दबाओ वाह मज़ा आ गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब उसके बाद मैंने उसके बूब्स को बारी बारी से चूसना और उनको दबाना शुरू कर दिया और मेरे एक हाथ उसके पेटीकोट के अंदर जाकर उसकी पेंटी के ऊपर से चूत को सहलाने लगा। मेरे ऐसा करने की वजह से वो बहुत उतेज़ित हो गई और उसके मुहं से सिसकियों की आवाज आने लगी थी। फिर हम दोनों ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और तब पहली बार उसने मेरा लंड देखा तो वो एकदम चकित रह गई। वो मुझसे कहने लगी कि वाह मेरे राजा तेरा तो बहुत बड़ा है, मज़ा आ गया मुझे इसकी तो कब से तलाश थी, में इससे अपनी अपनी इतने दिनों पुरानी इच्छा को पूरी करूंगी, यह मेरी उम्मीद से भी ज्यादा मोटा और मजेदार निकला, यह आज मेरी प्यास को बुझाकर मुझे शांत जरुर कर देगा और इन बातों को कहने के साथ साथ उसने अब मेरे लंड को अपने मुहं में भरकर उसको लोलीपोप की तरह चूसना भी शुरू कर दिया और वो तो बिल्कुल पागलो की तरह मेरे लंड को चूसे जा रही थी और वो किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी, इसलिए मुझे भी उसके साथ साथ बड़ा मज़ा आ रहा था। फिर इस वजह से में अब बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गया था और कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि मेरा वीर्य अब बाहर निकलने वाला है। तो उसने खुश होते हुए मुझसे कहा कि हाँ आने दो में यह प्यार का रस पूरा का पूरा पी जाउंगी, मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगता है और इसका स्वाद चखने के लिए ही मैंने यह सब किया है। अब उसके मुहं से यह बात सुनकर मैंने तुरंत ही सुनीता के मुँह में अपना सारा गरम गरम वीर्य डाल दिया, जिसकी वजह से धीरे धीरे मेरे लंड का आकार छोटा होता चला गया। अब वो मुझसे बोली कि मेरे राजा अब तुम्हारी बारी है चलो अब तुम अपने काम में शुरू हो जाओ और अब मैंने अपनी एक उंगली को उसकी गुलाबी रंग की रसभरी बिना बालों वाली चिकनी चूत में डालकर उसकी चुदाई अपनी ऊँगली से शुरू की में लगातार अपनी ऊँगली को उसकी चूत में अंदर बाहर कुछ देर तक करता रहा, जिसकी वजह से वो सेक्सी जोश भरी सिसकियाँ करने लगी थी और फिर कुछ देर वैसे ही उसकी चूत को चोदने के बाद में भी अब उसकी चूत को अपनी जीभ से आईसक्रीम की तरह से चाटने लगा और चूसने लगा था, जिसकी वजह से वो आह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ स्सीईईईइ करके आवाजे कर रही थी और वो मुझसे कहने लगी ओह्ह्ह्ह मेरे राजा आज तुम इसको खा जाओ, इसको अच्छी तरह से चूस लो ऊऊह्ह्ह्ह वाह मज़ा आ गया हाँ तुम ऐसे ही करते रहो, तुमने आज मेरे मन की इच्छा को पूरा कर दिया है और अब तक मेरी चूत को इस तरह जोश में आकर किसी ने नहीं चूसा, तुम्हे इस काम को करने का बहुत अच्छा अनुभव है, उफ्फ्फ्फ़ हाँ ऐसे ही लगे रहो। दोस्तों मैंने उसकी गरम कामुक चूत को करीब 15 मिनट तक चाटा चूसा और उसके बाद उसने भी जोश में आकर उसका सारा गरम चिपचिपा लावा मेरे मुहं में छोड़ दिया। अब में उसका वो माल थोड़ा सा निगल गया और थोड़ा सा मैंने उसकी साड़ी से साफ कर लिया। अपने मुहं को उसकी साड़ी से अच्छी तरह से साफ करने के बाद मैंने अपना लंड अब उसकी गरम चिकनी चूत पर रखकर में उसके बूब्स को चूसने लगा। फिर उसने मेरे लंड को पकड़कर अपनी गांड को धक्का देकर उसकी चूत में थोड़ा सा अंदर डाल दिया और फिर उसने मुझसे कहा कि मेरे राजा चल अब तू शुरू हो जा।

फिर मैंने तब महसूस किया कि उसको पिछले कुछ समय से किसी ने चोदा नहीं था और उस वजह से उसकी चूत बहुत टाइट थी और अब मैंने अपनी तरफ से उसको एक बार झटका मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया, लेकिन उस दर्द की वजह से उसके मुँह से एक ज़ोर की चीख निकल गई वो आईईईई ऊउईईईईइ माँ में मर गई करने लगी, लेकिन मेरे दूसरे जोरदार झटके से मेरा लंड अब पूरा का पूरा उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया, क्योंकि लंड बहुत जोश में था और उसकी चूत ने दर्द की वजह से लंड को अंदर जाने के रास्ते में अपना चिकना पानी छोड़ दिया था, इसलिए मेरा लंड फिसलकर सीधा पूरा अंदर जा पहुंचा। अब में अपनी तरफ से धीरे धीरे, लेकिन लगातार धक्के लगाने शुरू कर दिए थे और मेरे हर एक धक्के पर वो अपनी गांड को ऊपर उठाकर मेरा साथ देने लगी थी। उसका वो जोश देखकर अब मैंने भी अपने धक्को की स्पीड को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया था। तो उसके मुँह से अब ओह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ हाँ चोदो और ज़ोर ज़ोर से धक्के दे देकर चोद ओह्ह्ह्ह आह्ह्ह् में मर गई हाँ आज तो तुम फाड़ दो मेरी इस चूत को और ज़ोर से हाँ और ज़ोर से धक्के दो इससे में बहुत दुखी हूँ, इसको लंड चाहिए और वो में कहाँ से इसके लिए लाकर दूँ? दोस्तों मैंने करीब उसको वैसे ही लगातार बीस मिनट तक धक्के देकर चोदने के बाद मेरा सारा वीर्य मैंने उसकी चूत में निकाल दिया, जिसके बाद में थक गया था और वो भी अब बहुत थक चुकी थी, लेकिन मेरे मन में अब तक भी उसकी एक बार गांड मारने के इच्छा बाकी थी। फिर कुछ देर लेटे रहने के बाद अब मैंने उसको डोगी स्टाइल में बैठने के लिए कहा, उस समय वो मुझसे पूछने लगी कि मेरे राजा तुम्हारा अब मेरे साथ क्या करने का इरादा है? मैंने कहा कि मेरी जान सुनीता तेरी यह गांड बहुत मस्त मज़ेदार है, में इसको बहुत दिनों से चोदने के सपने देख रहा हूँ इसलिए में आज इसका भी थोड़ा सा मज़ा तो ले लूँ। अब उसने कहा कि हाँ ठीक है मेरे प्यारे लंड के स्वामी तुम जैसा चाहो आज मेरे साथ कर सकते हो, में तुम्हे मना नहीं करूंगी, लेकिन अपने इस लंड को मेरी गांड के अंदर डालने से पहले तुम कुछ तेल जैसा लगाकर इसको पहले चिकना कर लो, वरना मुझे इसकी वजह से बहुत दर्द होगा, क्योंकि मुझे इसको अपनी गांड में लेने का इतना अनुभव नहीं है और वैसे भी तुम्हारा यह लंड बहुत मोटा लंबा है, इससे मेरी जान ही निकल जाएगी। फिर मैंने उसके कहने पर उठकर रसोई में जाकर तेल अपनी उंगली में लगाकर सबसे पहले उसकी गांड में लगाकर अपनी ऊँगली को गांड के अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से उसको थोड़ा सा दर्द जरुर हुआ, लेकिन वो फिर कुछ देर बाद ठीक होकर शांत हो चुकी थी और अब मैंने अपने लंड और उसकी गांड पर बहुत सारा तेल लगाकर दोनों को चिकना कर दिया और फिर लंड को गांड के मुहं पर रखकर एक ज़ोर का झटका दे दिया, जिसकी वजह से तो वो ज़ोर से चीख पड़ी आईईईईई में मर गई आज तो तुम फाड़ ही दो मेरी इस गांड को आह्ह्ह्हह्ह हाँ पूरा अंदर तक डालो उफ्फ्फ्फ़ वाह मज़ा आ गया।

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फिर मैंने थोड़ी देर तक ऐसे ही बिना हिलाए मेरे लंड को उसकी गांड में रखे रखा तब तक में उसके दोनों बूब्स को सहलाता उनकी निप्पल को दबाता रहा। फिर मैंने कुछ देर बाद धीरे से एक और झटका लगाया, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया, लेकिन उस समय उसको इतना ज्यादा दर्द नहीं हुआ। फिर मैंने भी उसका जोश देखकर अब अपने धक्को की स्पीड को बढ़ा दिया जिसका अब वो भी मज़े लेने लगी थी और वो मुझसे बोलने लगी थी हाँ और ज़ोर से आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ और ज़ोर से मेरे राजा वाह आज तो तेरे इस लंड की वजह से मेरी बरसो की प्यास आज पूरी तरह से बुझ गई है और अब तो में तेरे पास ही अपनी चूत की चुदाई करवाने आउंगी क्योंकि तेरे लंड में बहुत दम है, यह बहुत देर तक लगातार टिककर चुदाई के पूरे मज़े देता है इसलिए आज से तू मेरा पति बन चुका है, जब तेरी भी अपने लंड को ठंडा करने की इच्छा हो तू बिना किसी संकोच डर के मेरे पास चला आना, में तेरे लंड को जरुर शांत करूंगी, क्योंकि मुझे भी तेरे लंड से चुदाई का वो सुख मुझे मिलेगा जो मुझे आज तक मेरे पति से कभी नहीं मिला, उन्होंने मेरी संतुष्टि के बारे में इतना सोचा ही नहीं, वो तो बस अपने लं को मेरी चूत में डालकर कुछ देर हिलाकर धक्के देने के बाद वो थककर सो जाते है और में अपनी चूत में ऊँगली डालकर इसको शांत करती हूँ, उनको मेरी बिल्कुल भी परवाह नहीं नहीं है। दोस्तों उसकी वो जोश भरी बातें सुनकर मैंने जोश में आकर उसकी गांड को करीब 15 मिनट धक्के मारने के बाद मैंने अपना सारा गरम वीर्य उसकी गांड में निकाल दिया, लेकिन इतनी देर तक धक्के देने की वजह से अब में और वो दोनों ही बहुत थक गये थे, इसलिए हम दोनों उसी हालत में थोड़ी देर वहीं बेड पर लेटे रहे और फिर थोड़ी देर के बाद वो अब उठकर मेरे सर को किस करके बोली कि मुझे इससे पहले कभी भी ऐसा सेक्स का आनंद मज़ा कभी नहीं मिला जो आज तूने मुझे दिया है तू हमेशा मुझे बस ऐसे ही खुश करते रहना। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ मेरी रानी में तेरे इस काम के लिए ही तो अपने लंड को खड़ा करके बैठा हूँ और तू जब भी चाहे मेरा लंड ले सकती है और में हमेशा तुझे ऐसे ही मज़े दूंगा और कभी भी अपनी चुदाई से में तुझे निराश नहीं होने दूंगा।

दोस्तों उसके कुछ देर बाद वो उठकर बाथरूम चली गई और उसने अपनी चूत गांड को साफ किया और अपने कपड़े पहले की तरह ठीक किए और उसके बाद वो मुझसे दोबारा मिलने की बात कहकर चली गई और मैंने भी उसकी पहली चुदाई से खुश होकर अब बाथरूम में जाकर नहाकर अपने कपड़े पहन लिए उसके बाद में अपने कमरे में आकर कुछ देर उस चुदाई को सोचकर सो गया। दोस्तों उस पहली चुदाई के बाद मैंने उसको वैसे ही अपने साथ चुदाई के बहुत बार मज़े दिए और उसने हर बार सही मौका देखकर मुझे अपने घर पर बुलाकर मेरे लंड को ठंडा किया ।।

धन्यवाद …

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