वो मस्त मंदाकिनी थी

0
Loading...

प्रेषक : गुमनाम …

हेल्लो दोस्तों, आज भी सभी लड़को को वो दिन याद है जब राज कपूर की “राम तेरी गंगा मैली” फिल्म थियेटर में लगी थी और कई कुंवारे लड़को ने मंदाकिनी को सफेद पतले झिल्लीदार कपड़े में नहाते हुए देखा था, तो कई लड़को ने उसकी रस से भरी जवानी पर मदहोश होते हुए घर आकर रात में उसको अपने सपनों में लाकर तरह तरह से चोदा था और उन्होंने अपने अपने तरीके से उसके साथ सुहागरात मनाई थी। दोस्तों कई लड़के तो उस पर इतने फिदा हो गए कि वो उसके बड़े बड़े बूब्स के दर्शन पाकर अपने लंड को संभाल नहीं पाए और उसकी शराब सी नशीली आँखों और मस्त अंगूरी बदन के गदराए शरीर के बाद उसके भीगे हुए बड़े आकार के गोरे आधा आधा किलो भारी बूब्स को देखकर फिल्म थियेटर में ही अपनी पेंट में खड़े हुए लंड को बाहर लाकर उसको हस्तमैथुन करके शांत हो सके उनके मन में यह सभी विचार आने लगे थे। दोस्तों वैसे मैंने भी उस फिल्म को कई बार देखा सिर्फ़ मंदाकिनी की गोरे बूब्स की खातिर। दोस्तों मर्द को सबसे पहले औरत का गोरा सेक्सी जिस्म और उसकी जांघे भरी भरे हुए बूब्स और मस्त गोल साड़ी के नीचे से झांकती गोल गहरी नाभि अपनी तरफ आकर्षित करती है उस वजह से हर एक मर्द इस पर ही मर मिटता है और वो जी भरकर उस औरत को चोदना चाहता है।

दोस्तों इस फिल्म को देखने के बाद मेरा भी पहाड़ पर घूमने जाना हुआ और में अपने एक रिश्तेदार के पास अपने किसी काम से कुछ दिनों ले लिए गया था और वहाँ एक दिन मुझे घूमते हुए बाजार में एक शादीशुदा गोरी मस्त जवान औरत दिख गई। उस समय वो बाज़ार में सामान लेने आई थी। मुझे आज भी वो दिन याद आता है क्योंकि वो ऊपर से लेकर नीचे तक एकदम मंदाकिनी की तरह सुंदर दिखती थी, जिसको पहली बार देखकर में बहुत ज्यादा आशचर्यचकित हो गया और मुझे अपनी नजर पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं था और फिर उसको कुछ देर घूरकर देखते ही होश में आकर मेरे दिल ने मुझसे कहा कि इस चंचल जवानी के समुंदर में मुझे ज़रूर डूबना है, मुझे वो पूरे मज़े लेने है, क्योंकि उसके बड़े बड़े बूब्स और पीछे से भरे हुये चूतड़ उसके कपड़ो के अंदर से उसकी गांड की सुंदरता को बता रहे थे। उसके दर्शन करते ही मेरे मुहं में पानी भर आया और मेरी लार टपकने लगी और लंड खड़ा होकर उसकी चूत को सलामी देते हुए अपना पानी छोड़ने लगा। आसपास के देखने वाले सभी लड़के उसके ऊपर ही लाइन मार रहे थे और इन सभी बातों से बिल्कुल बेख़बर होकर सामान ले रही थी और हर कोई उसकी चूत, गांड बूब्स को देखने के लिए उतावले नज़र आए।

फिर मैंने भी अपने मन में उसका पीछा करने की बात सोची और में उसके पीछे पीछे पहाड़ के ऊपर उसके घर की तरफ चल पड़ा। थोड़ी दूर पीछा करने के बाद मैंने उसके करीब जाकर हिम्मत करके उसको आवाज़ देकर रोका अरे सुनिए एक मिनट, तो मैंने उसके मुहं से क्या है? शब्द सुना। मैंने उसके मुहं से यह सवाल सुना तो मुझे बड़ा अच्छा लगा, क्योंकि मैंने मन ही मन में सोचा कि चलो मैंने पहली बार उसकी एकदम सुरीली कोयल जैसी आवाज़ को सुनी, जैसी वो सुंदर थी ठीक वैसी ही उसकी आवाज। दोस्तों कुल मिलाकर वो ऊपर से लेकर किसी परी की तरह सुंदर थी, उसमे कहीं भी कोई कमी ना थी। फिर मैंने उससे कहा कि आप मुझे बड़ी अच्छी लग रही हो और में आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ। मेरी बात को सुनकर वो हंस पड़ी और पूछने लगी क्या में इतनी सुंदर हूँ? तो मैंने उससे कहा कि हाँ तुम्हे शायद अब तक किसी ने बताया नहीं होगा, लेकिन तुम बहुत सुंदर हो, क्या में आपका नाम जान सकता हूँ? तभी उसने मुझसे कहा कि मेरा नाम कविता है और अब मैंने उससे कहा कि आप कविता जितनी ही सुंदर भी हो और में आपका दोस्त बनना चाहता हूँ, वो बोली में यहाँ पर घर में बिल्कुल अकेली रहती हूँ, क्योंकि मेरा पति बाहर काम करता है, वैसे तुम चेहरे और बोल-चाल से इस जगह के नहीं लगते, क्या तुम कहीं बाहर से आए हो? तब मैंने कहा कि हाँ में दिल्ली से हूँ, लेकिन मैंने अब तक तुम्हारे जैसी कोई सुंदर नहीं देखी, में तुम्हे मन ही मन में पक्का निर्णय करके तुमसे प्यार करने लगा हूँ और तुम मुझे पहली बार में ही बहुत अच्छी लगने लगी हो, लेकिन थोड़ा डर झिझक जरुर है। अब वो मेरी बातें सुनकर हंस पड़ी और बोली कि प्यार भी करना है और फिर डरते भी हो, तुम कैसे मर्द हो? आओ हम घर चले और में उसके साथ उसके घर पर पहुँच गया। उसने मुझसे बैठने के लिए कहा और अब वो मुझसे पूछने लगी कि क्या तुम चाय पियोगे? तो मैंने कहा कि हाँ अगर आप प्यार से मुझे लाकर दे तो में आपके हाथ से जहर भी पी लूँगा। दोस्तों असल में तो मेरा मन जब से मैंने उसको देखा था तब से ही उसके बड़े बड़े आकार के बूब्स से उसका दूध पीने का हो रहा था, जिनको में अपनी लालच भी नजरों से देखने लगा। फिर कुछ ही देर बाद वो मेरे लिए चाय बनाकर ले आई और मैंने चाय को देखते ही कहा कि यह तो काली चाय है इसमे दूध कहाँ है? वो मुझे अपने ब्लाउज की तरफ अपनी आखों से इशारा करके मुस्कुराते हुए कहने लगी कि दूध तो यहाँ है, लेकिन वो आपको खुद ही निकलना पड़ेगा और आप जितना पीते हो निकाल लो। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

Loading...

दोस्तों उसके मुहं से यह जवाब सुनकर मैंने मन ही मन बहुत खुश होते हुए उससे कहा कि फिर अब इस चाय की क्या ज़रूरत है? में तो बस दूध पीकर ही अपना काम चला लूँगा और यह बात कहकर मैंने तुरंत उसका एक हाथ पकड़कर एक झटका देकर अपनी बाहों में खींच लिया। उसके उभरे हुए बूब्स मेरी छाती से बिल्कुल सट गए, वो बहुत मुलायम थे और फिर में उसको गोद में उठाकर उसके बेडरूम में ले गया जहाँ लाकर मैंने उसको आराम से बिस्तर पर लेटा दिया और वो थोड़ा सा शरमा रही थी। मैंने उससे कहा कि आप मुझे एकदम राज कपूर की फिल्म “राम तेरी गंगा मैली” की अदाकारा मंदाकिनी जैसी लगती हो, में अब आपको मंदाकिनी ही कहकर बुलाऊंगा। अब वो मेरी बातें सुनकर हँसने लगी और बोली कि अब आप बातें ही करोगे या उसके आगे कुछ और भी करोगे नहीं तो फिर कोई आ जाएगा, जल्दी से आप अपनी और मेरी प्यास को बुझा दो, में बहुत समय से प्यासी हूँ और इस आग में जल रही हूँ। फिर में उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ, क्योंकि वो आग हम दोनों में बराबर लगी थी और उसकी बातों से मुझे सब कुछ समझ में आ गया। में उसके पास आराम से लेट गया और उसके गुलाबी नरम होंठो को अपने होंठो में दबाकर चूसने लगा और साथ ही अपनी जीभ से उसकी जीभ के बीच युद्ध करने लगा। उसकी आँखों में अब एक अजीब सा नशा चड़ रहा था और साथ ही मेरा लंड भी अब तनकर कुतुब मीनार हुआ जा रहा था। अब मैंने महसूस किया कि उसकी खुशबूदार साँसे धीरे धीरे गरम हो रही थी और में उसको पाकर मस्त हुआ जा रहा था। मैंने धीरे धीरे से उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके भरे हुए बूब्स को सहलाना शुरू किया और उसके बाद मैंने ब्लाउज के बटन को खोलकर उसको उतारकर दूर फेंक दिया। अब में उसकी ब्रा के ऊपर से बूब्स को दबाते हुए अपने हल्के हाथों से मसाज करने लगा। फिर क्या था? वो भी मस्त होकर मेरा साथ देने लगी और अब मैंने महसूस किया कि उसके अंदर की आग दोबारा जल उठी थी, उसके कुछ देर बाद मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया जिसकी वजह से उसके बड़े आकार के बूब्स अब ठीक मेरे सामने आ गए तो में बिल्कुल पागल होकर उन पर टूट पड़ा और में उसके हल्के भूरे रंग के निप्पल को अपने होंठो से छूकर तुरंत अपने मुहं लेकर उनको चूसने लगा और दूसरे हाथ से उसके बूब्स को सहलाता रहा और दबाता रहा। फिर कुछ देर बाद मैंने अपना एक हाथ उसकी गर्दन के नीचे से डालकर उसके एक बूब्स को पकड़ लिया और अब अपना मुहं दोबारा निप्पल पर लगाकर किसी छोटे बच्चे की तरग उसके बूब्स को चूसने लगा और वो जोश में आकर आहहह्ह्ह ऊऊफ्फ्फ करने लगी। मेरा एक हाथ तो उसकी गर्दन के नीचे से उसके एक बूब्स पर था और मेरे मुहं में उसके दूसरे बूब्स का निप्पल भरा हुआ था। में उसको बहुत अच्छे से चूस रहा था। मेरा एक हाथ खाली था जिसको मैंने धीरे धीरे नीचे करके उसकी चुदाई के लिए व्याकुल चूत तक पहुंचा दिया और उसकी दोनों फांको को अलग करके बीच में चूत के सिंघाड़े को अपनी दोनों उंगलियों से सहलाना उसको रगड़ना शुरू किया, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से गरम होकर सिसकियाँ लेने लगी और में अब तक उसकी इस बैचेनी का मतलब साफ साफ समझ चुका था। दोस्तों में उसको कुछ देर तड़पाना चाहता था, क्योंकि गरम लोहे पर चोट देने का मज़ा सबसे अलग होता है और मैंने ठीक वैसा ही किया, वो मचलती रही और में उसके मज़े लेता रहा, लेकिन कुछ देर बाद वो मुझसे कहने लगी कि यह सब तुम क्या कर रहे हो, प्लीज थोड़ा जल्दी करो में पागल हो जाउंगी मुझे ना जाने क्या हो रहा है और तुम मुझे तरसा रहे हो। फिर उसकी यह बात सुनकर मैंने कुछ देर बाद उसका पेटिकोट का नाड़ा खोलकर ढीला करके पेटिकोट को उतारकर बाहर फेंक दिया, जिसकी वजह से मुझे उसकी मोटी गोरी गोरी जांघे अपने सामने दिखाई देने लगी थी और जिसके बीच गुलाबी कलर की उसकी चूत और हल्के काले काले बाल, उसकी वो घुंघराली झांटे बहुत सुंदर नज़ारा बना रही थी।

Loading...

फिर दोनों जांघो को दबा दबाकर मैंने उसकी गुलाबी चूत के ऊपर के दोनों काले पंखो को गुलाब की पंखुड़ियों की तरह अलग अलग किया और उसकी चूत के ऊपर झुककर मैंने अपनी जीभ की ढेर सारी लार को टपकाकर उसको गीला किया और फिर अपनी जीभ से में साँप की तरह लपलपाता हुआ उसकी चूत को चाटने लगा जिससे उसके पूरे जिस्म में एक अजीब सा करंट लगने लगा वो अह्ह्ह्हह हहुउऊउउ ऊऊहह करने लगी और में लगातार अपनी जीभ को उसके दोनों पैरों को फैलाकर चूत के पूरा अंदर तक डालकर चूसता चाटता रहा और वो अपने कूल्हों को नीचे से ऊपर उठाकर जीभ को अंदर तक डलवाने लगी और में चाटता रहा। फिर कुछ देर बाद उसने भी मेरी पेंट को खोलकर मेरे लंड को बाहर निकालकर अपने मुहं में लेकर चूसने की अपनी इच्छा मुझे जताई तो मैंने उसको अपने ऊपर उल्टा लेट जाने के लिए कहा ताकि में उसकी चूत को चाट सकूँ और वो उसकी गांड के दर्शन भी कर सकूँ। फिर वो तुरंत मेरे ऊपर उल्टी लेट गई और फिर मेरे लंड को उसने अपने हाथ में लेकर अपने मुहं की गहराई में उतार लिया। उसकी जीभ अब मेरे गुलाबी रंग के टोपे को चाट रही थी और मेरा लंड लगातार उसके मुहं के अंदर बाहर हो रहा था। उसकी जीभ मेरे लंड को बहुत अच्छे से चाट और चूस रही थी और उसके ऐसा करने से लंड तनकर कुतुब मीनार बना चुका था और अब झटके देने लगा था। में भी नीचे लेटकर उसकी चूत के अंदर बाहर अपनी जीभ को डाल रहा था, जिससे उसको बहुत मज़ा मिल रहा था। फिर तभी मैंने अपनी एक उंगली को उसकी गांड में डाल दिया, जिसकी वजह से अब उसको दुगना मज़ा मिलने लगा था। अब वो लंड को अपने मुहं से बाहर निकालकर बोली कि अगर तुम्हारा रॉकेट तैयार है तो प्लीज मुझे जल्दी से सैर करवा दो, नहीं तो कोई आ जाएगा। फिर मैंने उससे कहा कि तुम खुद जल्दी से मेरे लंड पर बैठ जाओ मेरी रानी यह तुमको जन्नत की सैर करा लाएगा। इतना सुनकर वो उठकर मेरे लंड पर अपनी चूत को फैलाकर धीरे धीरे नीचे बैठने लगी और जब लंड पूरा का पूरा चूत में चला गया तब वो ऊपर नीचे होने लगी, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी गीली चूत में घपाघप अंदर बाहर होने लगा और उसके कूल्हे ऊपर नीचे होते हुए मेरे पेट पर चिपकने लगे। मैंने अपना एक हाथ उसके निप्पल पर लगा दिया ताकि चुदाई के साथ साथ में उसकी निप्पल को भी आराम से दबाता रहूँ। फिर करीब 7-8 मिनट तक उसको अपने ऊपर बैठाकर सेक्स करने के बाद मैंने उसको नीचे बिस्तर पर लेटाकर उसकी दोनों जांघो को फैला दिया और फिर उसके ऊपर आकर मैंने अपने लंड को सामने से उसकी चूत में डाल दिया और जब अपने कूल्हों को मैंने धक्के देते हुए आगे पीछे किए तो मेरे जवाब में उसने भी अपनी गांड को नीचे से उठाकर मेरे लंड की तरफ धकेल दिया, जिससे मेरे लंड का धक्का अंदर ज्यादा गहराई तक जा सके। दोस्तों वैसे उसकी गांड थी बहुत सुंदर तो मैंने कुछ देर धक्के देने के बाद अपने लंड को चूत से बाहर खींचकर उस पर बहुत सारा थूक लगाकर उसकी गांड के छेद पर रख दिया और फिर अपनी पूरी ताक़त से मैंने अपने लंड की एंट्री बहुत प्यार से उस काली गुफा में करवाई जिससे उसके मुहं से थोड़ी दर्द भरी आवाज़ निकली, लेकिन वो मेरा लंड बहुत आराम से गांड में लेकर अहह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊहह आईईईइ हाँ चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो ऊईईईइ वाह मज़ा आ गया हाँ जाने दो पूरा अंदर तक ऊऊफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ पूरा गहराई तक डालो ऊऊहह हाँ मेरी जान य्ाआआ हाँ बस ऐसे ही लगातार चोदो मेरे राजा, तुम्हारा यह लंड मुझे बहुत आराम दे रहा है, शादी के बाद ही हर औरत को लंड की असली कीमत समझ में आती है, में बहुत दिनों से लंड को लेने के लिए तरस रही हूँ, यहाँ पर मेरी चुदाई करने वाला कोई भी नहीं है, हाँ मेरी जान ऐसे ही धक्के देते रहो।

दोस्तों उसकी कामुक चूत के साथ साथ मेरा लंड भी अपने पूरे ज़ोर पर था, इसलिए अंदर बाहर करता रहा और कुछ देर बाद मैंने लंड को उसकी गांड से बाहर निकालकर एक बार फिर से उसकी चूत में डाल दिया और लंड फिसलकर पूरा अंदर जा पहुंचा। अब मेरे धक्कों की वजह से उसके बूब्स बहुत ज़ोर से हिलते हुए नजर आ रहे थे, जिसको देखकर मुझे अजीब मज़ा मिल रहा था और में अपने दोनों हाथ से उसके बड़े बड़े बूब्स को थामे कसकर धक्के देकर संभोग करने लगा था। फिर मैंने अपने लंड को झड़ने से पहले उसकी चूत से बाहर खींच लिया और वो अपनी जीभ को बाहर निकाल लंड को अपने मुहं में लेने के लिए तैयार होकर बैठ गई। मैंने जिस पर अपने लंड को हिलाकर अपना सारा प्यार का शहद टपका दिया, जिसको उसने चाटकर साफ किया और वीर्य टपकता हुआ उसकी गर्दन से होता हुआ बूब्स तक आ गया, लेकिन उसने कुछ सेकिंड में लंड को चमका दिया और मेरा मुरझाया हुआ लंड हिलाकर चाटने लगी और में उसके दोनों निप्पल को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से निचोड़ने लगा। दोस्तों इस तरह उस मदमस्त हॉट सेक्सी मंदाकिनी के साथ मेरा वो सेक्स हुआ, वो घटना मुझे आज भी बहुत अच्छी तरह से याद है और उस दिन मैंने उसको बहुत जमकर चोदा और उसने भी मेरा पूरा साथ दिया ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


indian sex stphindi sexy stories to readdesi hindi sex kahaniyanhindi sexy storeall sex story hindisex khani audiostory for sex hindichut land ka khelmaa ke sath suhagratwww hindi sex kahanihindi sex story sexsaxy hindi storysall new sex stories in hindifree hindi sex kahanimami ke sath sex kahanihinde sax khaniread hindi sex kahaniwww new hindi sexy story comonline hindi sex storieshinde sax storysexy syoryhindi sex stories in hindi fonthindi sex kahani hindihindi sex historysex hinde storehindi saxy kahanisex hindi stories freehindi sex story in hindi languagechudai story audio in hindistore hindi sexhindi sex storaisex stori in hindi fontsexy story in hindohindi sx kahanisexi hindi kahani commaa ke sath suhagratsex sexy kahanisexy hindi story readhindi sex stories in hindi fontmami ne muth mariwww hindi sex store comdadi nani ki chudaisexi story hindi msex story hindusexi hindi kahani comnew hindi story sexyhindi sexy stoeysex sexy kahanibrother sister sex kahaniyasexistorihindi sex storehindi sexy kahanihindi sexy stroeshindi sexy stores in hindihindi sexy storeyhind sexy khaniyasex com hindihini sexy storysex story hindi comread hindi sexsex kahani hindi msex story hindusexi storeishindi sex story in voicebhabhi ko nind ki goli dekar chodaread hindi sex kahanihinde sex estoresex stories hindi indiasext stories in hinditeacher ne chodna sikhayafree hindi sex kahanisexistorinew sex kahanihindi sex astorisex story in hidisexi hindi kathasexi hindi estorisexstores hindisax hindi storeysex khaniya hindisexy stori in hindi fonthindi saxy kahanisex stories in hindi to read